
Mumbai Local Train Stabbing Case: मुंबई लोकल ट्रेन में एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेन में सफर कर रहे 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात मंगलवार रात करीब 10:42 बजे बोरीवली और अंधेरी स्टेशन के बीच फर्स्ट क्लास डिब्बे में हुई। घटना के बाद आरोपी ट्रेन से उतरकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में रेलवे पुलिस की छह टीमें जुटी हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल के फर्स्ट क्लास कोच में दरवाजा बंद करने को लेकर यात्रियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया।
रेलवे पुलिस के मुताबिक, बहस के दौरान कुछ यात्रियों ने आरोपी के साथ मारपीट भी की। इससे गुस्साए आरोपी ने अपनी बैग से चाकू निकाला और 22 वर्षीय मयंक लोहार पर हमला कर दिया। चाकू के कई वार लगने से मयंक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।
हमले के बाद रात करीब 11:04 बजे आरोपी ट्रेन के बोरीवली स्टेशन पर रुकने से पहले ही उतरकर फरार हो गया। पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। रेलवे पुलिस की छह अलग-अलग टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अनुसार, सोमवार रात करीब 10:42 बजे मुंबई लोकल ट्रेन में एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मयंक लोहार के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज बारिश के दौरान ट्रेन का दरवाजा बंद करने को लेकर यात्रियों के बीच विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर कुछ सहयात्रियों ने आरोपी की पिटाई कर दी। इससे गुस्साए आरोपी ने अपने बैग से चाकू निकाला और मयंक लोहार पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मयंक ने बाद में दम तोड़ दिया। आरपीएफ ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छह विशेष टीमों का गठन किया गया है।
मृतक मयंक लोहार विरार का रहने वाला था और अंधेरी स्थित एक निजी कंपनी में सेल्समैन के तौर पर काम करता था। घटना के समय वह अपने ऑफिस से घर लौट रहा था। मयंक के परिवार में माता-पिता, एक बहन और तीन भाई हैं। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
23 जून की रात 10:05 बजे चर्चगेट से रवाना हुई लोकल ट्रेन रात 10:42 बजे अंधेरी स्टेशन पहुंची। यहीं पर 22 वर्षीय मयंक लोहार ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़े। उसी डिब्बे में आरोपी भी यात्रा कर रहा था। अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच तेज बारिश के दौरान कोच का दरवाजा बंद करने को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और आरोपी ने कथित तौर पर मयंक के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
रात 11:04 बजे ट्रेन बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंची। ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही रात 11:07 बजे जीआरपी और आरपीएफ के जवान संबंधित डिब्बे में पहुंचे और घायल मयंक को प्राथमिक सहायता दी। इसके तीन मिनट बाद रात 11:10 बजे स्ट्रेचर, हमाल और मेडिकल टीम भी कोच तक पहुंच गई। रात 11:12 बजे मयंक को ट्रेन से बाहर निकालकर इलाज के लिए ले जाया गया।
रात 11:22 बजे मयंक को बोरीवली स्टेशन के इमरजेंसी मेडिकल रूम (EMR) में पहुंचाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उनकी जांच की। इसके बाद 11:42 बजे मयंक को एम्बुलेंस के जरिए कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल भेजा गया। इस दौरान आरपीएफ और जीआरपी के जवान भी उनके साथ रहे। रात 11:52 बजे एम्बुलेंस शताब्दी अस्पताल पहुंची, जहां इलाज के दौरान मयंक ने दम तोड़ दिया।
मुंबई लोकल में यह पहली हत्या नहीं है। इससे पहले 24 जनवरी को मालाड स्टेशन के पास प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। उस मामले में रेलवे पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी ओमकार शिंदे को गिरफ्तार कर लिया था। अलोक और ओमकार के बीच ट्रेन से उतरने समय गेट पर धक्का लगने के बाद पहले बहस हुई। फिर ओमकार ने बैग से तेज धार वाली चीज निकाली और आलोक के पेट में घोंप दी और भाग गया।
अब मयंक लोहार की हत्या के बाद एक बार फिर मुंबई लोकल में यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
हर दिन लाखों लोग मुंबई लोकल से सफर करते हैं। ऐसे में चलती ट्रेन के अंदर हुई इस हत्या ने यात्रियों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा, उसकी तलाश जारी है।