मुंबई

ढाई साल से कारोबारी का घर निशाने पर, लूट से पहले वॉचमैन की हत्या; पांच आरोपी गिरफ्तार

Mumbai Crime Latest News: मुंबई के विले पार्ले में कारोबारी के घर लूट और परिवार की हत्या की ढाई साल पुरानी साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में फिल्म निर्देशक के ड्राइवर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने वारदात से पहले वॉचमैन की हत्या की थी।
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Aug 08, 2026
Mumbai Crime News
प्रतीकात्मक तस्वीर। (फोटो सोर्स-IANS)

Watchman Murder Mumbai: मुंबई के विले पार्ले में एक कारोबारी के घर को निशाना बनाने की साजिश कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब ढाई साल तक कारोबारी के घर और वहां रखे सामान की जानकारी जुटाई और फिर लूट के साथ परिवार को खत्म करने की योजना बना डाली। लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही कहानी में ऐसा मोड़ आया कि पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

मामला अभिजीत रेजिडेंशियल बिल्डिंग का है, जहां रात की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड मनोज यादव की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कारोबारी के यहां काम करने वाला रसोइया जोगेश्वर मलिक और एक फिल्म निर्देशक का ड्राइवर विजय गोंजारे भी गिरफ्तार किए गए हैं।

अलमारी में देखा कैश और फिर बना लिया प्लान

पुलिस के मुताबिक, बिहार के मधुबनी का रहने वाला जोगेश्वर करीब 10 साल से कारोबारी के यहां काम कर रहा था। इसी दौरान उसकी नजर घर की अलमारी में रखे कैश और कीमती सामान पर पड़ी। आरोप है कि इसके बाद उसने लूट की योजना बनानी शुरू कर दी।

जोगेश्वर ने घर की डुप्लीकेट चाबी भी तैयार करवा ली थी। बाद में उसने अपने परिचित विजय गोंजारे को योजना में शामिल किया। दोनों ने करीब ढाई साल तक इस वारदात को अंजाम देने की तैयारी की।

पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने के डर से दोनों ने करीब छह महीने पहले फोन पर बातचीत बंद कर दी थी। इसके बाद वे रात में आमने-सामने मिलकर योजना पर चर्चा करते थे।

लूट ही नहीं, पूरे परिवार को मारने का था प्लान

जांच में पुलिस को पता चला कि निशाना छठी मंजिल पर रहने वाला कारोबारी, उसकी पत्नी और बेटी थे। आरोपियों की योजना सिर्फ घर में चोरी करने की नहीं थी, बल्कि परिवार की हत्या कर लूट को अंजाम देने की थी।

गोंजारे को तीन और लोगों को साथ लाने की जिम्मेदारी दी गई। कथित तौर पर लूट का सामान आधा जोगेश्वर को और बाकी चार लोगों के बीच बांटने की बात तय हुई थी।

पहले वॉचमैन को बनाया भरोसे में, फिर हत्या

वारदात से एक दिन पहले आरोपियों ने सुरक्षा गार्ड मनोज यादव से पहचान बढ़ाई। पुलिस का कहना है कि उसे भरोसे में लेने के लिए 500 रुपए भी दिए गए और बताया कि वे अगले दिन पार्टी करने आएंगे। 1 अगस्त की रात आरोपी बिल्डिंग में पहुंचे और मनोज के साथ शराब पी। आरोप है कि शराब में नशीला पदार्थ मिलाया गया। जब उसका असर कम हुआ तो आरोपियों ने कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके हाथ बांधकर शव को पानी की टंकी में डाल दिया गया।

डुप्लीकेट चाबी भी नहीं आई काम

2 अगस्त की सुबह करीब 4:30 बजे आरोपी कारोबारी के फ्लैट तक पहुंचे। उन्होंने डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन ताला नहीं खुला। उनके पास हथौड़े भी थे, ताकि जरूरत पड़ने पर ताला तोड़ा जा सके। आखिरकार सभी वहां से भाग निकले।

बाद में ड्यूटी बदलने पहुंचे दूसरे सुरक्षा गार्ड ने मनोज का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जांच शुरू हुई और पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों को लगता था कि खाली पड़े फ्लैटों और कम आबादी वाली इमारत का फायदा उठाकर वे आसानी से वारदात कर लेंगे। हालांकि, कारोबारी के घर तक पहुंचने से पहले ही उनकी पूरी योजना पुलिस के सामने आ गई।

Updated on:
08 Aug 2026 01:59 pm
Published on:
08 Aug 2026 01:53 pm