मुंबई

तरबूज खाने से मौत मामले में नया मोड़, फोरेंसिक रिपोर्ट में अंगों की भयावह स्थिति का जिक्र, डॉक्टर भी हैरान

Mumbai Watermelon Food Poisoning Death: शुरुआत में इस घटना को सामान्य फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था। लेकिन अब डॉक्टरों का कहना है कि जिस तेजी से चारों की हालत बिगड़ी, वह कोई आम बात नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

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May 01, 2026
Watermelon food poisoning Mumbai Pydhonie
तरबूज में मिला चूहे मारने का जहर, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में पुष्टि

मुंबई के पायधुनी इलाके में तरबूज खाने के कुछ घंटे बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट आ गई है। शुरुआत में इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा था, लेकिन प्राथमिक फॉरेंसिक जांच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि मृतकों के शरीर के महत्वपूर्ण आंतरिक अंग 'हरे' रंग के पाए गए हैं। जिसके चलते पूरा मामला और भी रहस्यमय हो गया है।

फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले संकेत

मृतकों की पहचान अब्दुल्ला डोकाडिया (44), उनकी पत्नी नसरीन (35) और दो बेटियां आयशा (16) व जैनब (12) के तौर पर हुई है। अब्दुल्ला अंधेरी में मोबाइल एक्सेसरीज का कारोबार करते थे।

इस मामले में अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी आना बाकी है, लेकिन शुरुआती फॉरेंसिक जांच में कुछ बेहद असामान्य बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मस्तिष्क, हृदय और आंतों का रंग हरा दिखाई दिया है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य तौर पर खराब भोजन (Food Poisoning) के कारण आंतरिक अंगों का रंग इस तरह नहीं बदलता। अंगों का हरा पड़ना यह संकेत देता है कि शरीर में किसी अत्यंत विषैले रासायनिक तत्व का प्रवेश हुआ है।  

इससे पहले जेजे अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय सुरासे ने भी कहा था कि जिस तेजी से परिवार की तबीयत बिगड़ी, वह किसी जहरीले या रासायनिक तत्व के प्रभाव के कारण ही संभव है। यह सामान्य फूड पॉइजनिंग जैसा नहीं लग रहा।

मृतक के शरीर में मिला 'मॉर्फिन', साजिश या कुछ और?

इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। परिवार के मुखिया अब्दुल्ला डोकाडिया के शरीर में ‘मॉर्फिन’ पाया गया है। मॉर्फिन एक शक्तिशाली दर्द निवारक दवा है, जिसका उपयोग दर्द को कम करने के लिए डॉक्टरों की देखरेख में ही किया जाता है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि मॉर्फिन उनके शरीर में कैसे पहुंचा? क्या यह किसी दवा के जरिए आया या किसी साजिश का हिस्सा था? पुलिस अब इस एंगल की भी गहन जांच कर रही है।

तरबूज बना मौत का कारण या सिर्फ संयोग?

व्यवसायी अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी और दो मासूम बेटियों की मौत के पीछे शुरुआती वजह रात में चिकन बिरयानी और फिर तरबूज खाना बताई गई थी। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि तरबूज एक सुरक्षित फल है और इसे दिन या रात में खाने से मौत होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स अब यह जांच रहे हैं कि क्या तरबूज या बिरयानी में कोई घातक रसायन था।

फिलहाल पुलिस भी हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी संदिग्ध व्यक्ति से संपर्क था या नहीं। साथ ही, अब्दुल्ला के व्यवसाय और बैंक लेन-देन की भी जांच चल रही है।

अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

पायधुनी पुलिस ने मृतकों के विसरा को फॉरेंसिक लैब में रासायनिक जांच के लिए भेजा है। साथ ही पोस्टमार्टम और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इन सबकी रिपोर्ट आने के बाद मौत ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत वाकई फूड पॉइजनिंग से हुई या इसके पीछे कोई और कारण है। फिलहाल पुलिस साजिश और हादसा, दोनों पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है।

Published on:
01 May 2026 01:57 pm