मुंबई

त्र्यंबकेश्वर मंदिर में VIP दर्शन घोटाला: पुलिस ने किया स्टिंग ऑपरेशन, ट्रस्टी सहित 2 गिरफ्तार

Trimbakeshwar Temple Scam: नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े श्रद्धालुओं को रोककर महज 10 मिनट में वीआईपी दर्शन कराने का लालच देकर 3000 रुपये वसूलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। नासिक ग्रामीण पुलिस ने खुद स्टिंग ऑपरेशन कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया है।

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Apr 14, 2026
Trimbakeshwar Jyotirlinga darshan scam
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में वीआईपी दर्शन घोटाला (Photo: X/IANS)

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र त्र्यंबकेश्वर मंदिर (Trimbakeshwar Jyotirlinga) से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नासिक ग्रामीण पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो घंटों कतार में खड़े श्रद्धालुओं को महज 10 मिनट में वीआईपी दर्शन कराने का लालच देकर 3,000 रुपये वसूल रहा था। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मंदिर का ट्रस्टी पुरुषोत्तम कडलग है। पुरुषोत्तम एनसीपी (शरद पवार गुट) का नेता भी है।

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में पुरुषोत्तम कडलग समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घोटाला कितने दिनों से चल रहा था, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, अंदाजा लगाया जा रहा है कि त्र्यंबकेश्वर में दर्शन के इस काले कारोबार से घोटालेबाज हर महीने लगभग 90 लाख रुपये तक की काली कमाई कर रहे थे।

पुलिस के स्टिंग ऑपरेशन में खुली पोल

पिछले काफी समय से पुलिस को शिकायतें मिल रही थीं कि मंदिर में पैसों के बदले दर्शन का काला कारोबार चल रहा है। इन शिकायतों की पुष्टि के लिए पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल के मार्गदर्शन में एक 'स्टिंग ऑपरेशन' किया गया। पुलिसकर्मी खुद श्रद्धालु बनकर मंदिर पहुंचे और पाया कि एजेंट खुलेआम प्रति व्यक्ति 3,000 रुपये मांग रहे हैं।

जांच के दौरान एक एजेंट को हिरासत में लिया गया, जिसने कबूल किया कि इस वसूली के तार सीधे ट्रस्टी पुरुषोत्तम कडलग से जुड़े हैं। पुलिस ने कडलग और उनके सहयोगी गोटीराम पेहरे को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कडलग को 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

पद का दुरुपयोग कर संगठित रैकेट चलाने का शक

जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध वसूली के लिए मंदिर व्यवस्था का दुरुपयोग किया जा रहा था। आरोप है कि श्रद्धालुओं की लंबी कतार का फायदा उठाकर उन्हें जल्दी दर्शन का लालच दिया जाता था। पुलिस को शक है कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक संगठित रैकेट है, जो लंबे समय से सक्रिय था।

अदालत ने पुलिस कस्टडी में भेजा

गिरफ्तार आरोपी पुरुषोत्तम कडलग को नासिक जिला सत्र न्यायालय में पेश किया गया। सरकारी पक्ष ने दलील दी कि मामले की गहराई से जांच जरूरी है और इसमें बड़ा नेटवर्क सक्रीय हो सकता है।

हालांकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया, लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

आस्था के नाम पर ठगी से उठे सवाल

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसे पवित्र स्थान पर इस तरह की अवैध वसूली सामने आने से श्रद्धालुओं में नाराजगी है। यह घटना न सिर्फ मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि धार्मिक स्थलों पर बढ़ते भ्रष्टाचार को भी उजागर करती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Updated on:
14 Apr 2026 05:09 pm
Published on:
14 Apr 2026 05:08 pm