
Operation Tiger: महाराष्ट्र की राजनीति में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी बीच शिवसेना (शिंदे गुट) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) कृपाल तुमाने ने ऐसा दावा किया है, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। तुमाने का कहना है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के सात सांसद और 16 विधायक एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं और जल्द ही बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।
मंगलवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष एकनाथ शिंदे मुंबई स्थित मंत्रालय पहुंचे। इस दौरान उनसे शिवसेना (यूबीटी) के पांच विधायकों द्वारा अलग गुट बनाकर शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों को लेकर सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चले गए।
इस बीच, आईएएनएस से बातचीत में कृपाल तुमाने ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से सात सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में काम करने के इच्छुक हैं। उन्होंने दावा किया कि यूबीटी के कम से कम सात सांसद और 16 विधायक हमारे संपर्क में हैं। वे एकनाथ शिंदे की नीतियों के अनुसार काम करना चाहते हैं और अपने-अपने क्षेत्रों के विकास के लिए उनके साथ जुड़ना चाहते हैं। उनसे बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और पाला बदलने की प्रक्रिया कभी भी शुरू हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में सांसद और विधायक शिंदे गुट में शामिल होते हैं, तो इसका असर सिर्फ शिवसेना (यूबीटी) पर ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के सियासी समीकरण पर भी पड़ेगा।
हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उद्धव ठाकरे के करीबी व राज्य सभा सांसद संजय राउत ने 'ऑपरेशन टाइगर' को महज अफवाह बताते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) पूरी तरह एकजुट और मजबूत है। वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी प्रकार की टूट की संभावना नहीं है और रविवार को मातोश्री में हुई बैठक में सभी सांसद शामिल हुए।
दरअसल रविवार सुबह को उद्धव ठाकरे ने अपने निवास 'मातोश्री' पर पार्टी के सभी 9 लोक सभा सांसदों की बैठक बुलाई थी। लेकिन इस बैठक में अधिकांश सांसद मौजूद नहीं थे और केवल कुछ ही नेता मातोश्री पहुंचे थे। लेकिन बाद में पार्टी ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि सभी सांसद बैठक में शामिल हुए थे। कुछ सांसद व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, जबकि अन्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे। इसके बाद टूट के कयासों को और बल मिल गया।
शिर्डी से शिवसेना (UBT) के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने भी पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज कर दिया, लेकिन उन्होंने साथ ही कुछ ऐसा भी कह दिया जिसने सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा, "मैं शिवसेना (यूबीटी) के साथ हूं। यह सिर्फ अटकलें हैं। पिछले एक साल से ऐसी बातें कही जा रही हैं। मुझे नहीं पता कि ये चर्चाएं क्यों हो रही हैं। आज मैं शिवसेना (यूबीटी) के साथ खड़ा हूं। कल के बारे में कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि मैं कोई भविष्य बताने वाला नहीं हूं।"
वहीं, मातोश्री में बैठक में नहीं पहुंचे उद्धव गुट के वाशिम से सांसद संजय देशमुख सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के आवास पर पहुंचे। शिवसेना शिंदे गुट के नेता प्रतापराव जाधव ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व से उनके सांसद असंतुष्ट हैं। असल शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह एकनाथ शिंदे के पास है। ऐसे में उद्धव गुट के कई सांसद भी महसूस करते हैं कि उन्हें वास्तविक शिवसेना का हिस्सा होना चाहिए।