
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अब अपने विधायकों की बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह बैठक 22 जून को मुंबई स्थित शिवालय में आयोजित होगी। इसी दिन से महाराष्ट्र विधानसभा का मॉनसून सत्र भी शुरू हो रहा है, जिसके चलते पार्टी के सभी विधायक मुंबई में मौजूद रहेंगे।
शिवसेना (UBT) के एक वरिष्ठ नेता ने इस बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक सामान्य संगठनात्मक बैठक है। इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति तय होगी। इसके साथ ही उन्होंने उन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सांसदों के बाद अब पार्टी के विधायकों में भी टूट हो सकती है।
इससे पहले रविवार को उद्धव ठाकरे ने अपने सभी नौ लोकसभा सांसदों की बैठक मातोश्री में बुलाई थी। यह बैठक ऐसे समय हुई जब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं और एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में उद्धव ठाकरे ने सांसदों से कहा, आज मेरा वक्त नहीं है, लेकिन कल जरूर आएगा। तब तक हमें सहना पड़ेगा और संघर्ष करना पड़ेगा। उद्धव ने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जिन्होंने पहले शिवसेना छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़ने वालों को एक दिन अपने फैसले पर पछतावा जरूर होगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।
शिवसेना (यूबीटी) के कुल नौ लोकसभा सांसद हैं। बैठक में चार सांसद उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ पहुंचे, जबकि पांच सांसद ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इसे लेकर कई तरह के कयास लग रहे हैं। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने किसी भी तरह की टूट की संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी नौ सांसद बैठक में शामिल हुए थे, चाहे वे व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे हों या ऑनलाइन जुड़े हों। राउत ने कहा कि जो सांसद ऑनलाइन शामिल हुए, वे जल्द ही मातोश्री जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे।
बैठक के बाद संजय राउत ने 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "कौन सा ऑपरेशन टाइगर? हम सभी खुद टाइगर हैं। अब हम ऑपरेशन वुल्फ शुरू करेंगे। हम डरने वाले नहीं हैं। हमारे सभी सांसद एकजुट, मजबूत और पार्टी के साथ खड़े हैं।"
राउत ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) पूरी तरह संगठित है और पार्टी में किसी प्रकार की टूट की संभावना नहीं है।
सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भी 'ऑपरेशन टाइगर' से जुड़ी अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में चुने गए सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा रखते हैं और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
शिवसेना उद्धव गुट के विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, "कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें। हमें अपने लोगों पर पूरा भरोसा है और जनता ने भी हम पर विश्वास जताया है। जिन सांसदों को 2024 में चुना गया, उनके क्षेत्रों में उद्धव जी ने खुद प्रचार किया था। जनता ने उन्हें मशाल चुनाव चिन्ह पर वोट दिया था। जो सांसद बैठक में नहीं पहुंच सके, वे ऑनलाइन जुड़े थे। सभी सांसद हमारे साथ हैं।"
पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से पांच से अधिक सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं और भविष्य में एनडीए का रुख कर सकते हैं। हालांकि उद्धव ठाकरे सहित शिवसेना (UBT) के तमाम नेता इन अटकलों को खारिज करते हुए पार्टी की एकजुटता का दावा कर रहे हैं।