
Panvel-Karjat Railway Corridor: मुंबई महानगर क्षेत्र के यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। पनवेल-कर्जत नई उपनगरीय रेल कॉरिडोर का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तेजी से पूरा करने में जुटा है। जानकारी के मुताबिक, इस साल के अंत तक यह कॉरिडोर रेलवे सेफ्टी जांच यानी CRS निरीक्षण के लिए तैयार हो सकता है। इसके बाद इस मार्ग पर उपनगरीय लोकल सेवा शुरू होने का रास्ता साफ होगा।
पनवेल और कर्जत के बीच फिलहाल रेल कनेक्टिविटी का इस्तेमाल मुख्य रूप से लंबी दूरी और मालगाड़ियों के लिए होता है। नए उपनगरीय कॉरिडोर के शुरू होने के बाद इस हिस्से में नियमित लोकल सेवा शुरू की जा सकेगी। MRVC के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य पनवेल, कर्जत और तेजी से विकसित हो रहे आसपास के क्षेत्रों को मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ना है।
नए कॉरिडोर के शुरू होने के बाद पनवेल से कर्जत का सफर करीब 40 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है। वर्तमान में सड़क मार्ग से दोनों शहरों के बीच यात्रा में काफी समय लग जाता है। नई लोकल सेवा शुरू होने से पनवेल, कर्जत और आसपास के इलाकों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
यह कॉरिडोर मुंबई की ओर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पनवेल के जरिए कर्जत को मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क से जोड़ने का विकल्प तैयार होगा।
पनवेल-कर्जत नया उपनगरीय रेल कॉरिडोर करीब 29.6 किलोमीटर लंबा डबल लाइन प्रोजेक्ट है। यह परियोजना मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP) के तहत बनाई जा रही है और इसकी अनुमानित लागत करीब 2,782 करोड़ रुपये है।
परियोजना में पांच प्रमुख स्टेशन, दो रेल फ्लाईओवर, आठ बड़े पुल, 33 छोटे पुल, 15 रोड अंडरब्रिज, पांच रोड ओवरब्रिज और तीन सुरंगें शामिल हैं। इसमें करीब 2.6 किमी लंबी वावरे सुरंग भी शामिल है।
नए कॉरिडोर पर यात्रियों के लिए पांच प्रमुख स्टेशन पनवेल, चिखले, पोयंजे (मोहापे), चौक और कर्जत होंगे। इन स्टेशनों के जरिए पनवेल, खालापुर और कर्जत क्षेत्र के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को उपनगरीय रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
जुलाई में परियोजना के विभिन्न हिस्सों में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। चिखले और मोहापे में भूमिगत मार्ग का काम पूरा किया गया है। वहीं कुछ रोड ओवरब्रिज स्थानीय लोगों के लिए खोल दिए गए हैं। सुरंगों में केबलिंग का काम भी आगे बढ़ा है।
विद्युतीकरण के मोर्चे पर भी काम तेज हुआ है। उपलब्ध अपडेट के मुताबिक, जुलाई में करीब 4 किमी OHE कैटनरी वायर और 4 किमी कॉन्टैक्ट वायर बिछाई गई। इसके अलावा करीब 32 किमी ड्रॉपिंग वायर का काम पूरा किया गया है।
परियोजना के लिए बिजली और अन्य इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कुछ बकाया काम अभी भी चल रहे हैं। MRVC ने 2026 में स्टेशन बिल्डिंग, नए प्लेटफॉर्म, एफओबी और अन्य सामान्य इलेक्ट्रिकल कार्यों के लिए भी टेंडर जारी किए हैं।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, कॉरिडोर को 2026 के अंत तक CRS निरीक्षण के लिए तैयार करने का लक्ष्य है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि लोकल ट्रेन सेवा कब से शुरू हो जाएगी। पहले निर्माण कार्य पूरा होगा, फिर जरूरी परीक्षण और सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद रेलवे इस नए मार्ग पर उपनगरीय सेवाओं का संचालन शुरू कर सकेगा।