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संसद में राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी, कंगना रनौत बोलीं- ‘देश को कितना धोखा दे रहे हैं, देख सकते हैं’

Kangana Ranaut Parliament protest: संसद के बाहर एनडीए सांसदों के विरोध मार्च में शामिल हुईं कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
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Kangana Ranaut Parliament protest

कंगना रनौत ने ANI से की बातचीत (सोर्स: x-@KR_Insta2/ANI)

Kangana Ranaut statement: संसद के बाहर बुधवार को सत्तारूढ़ एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस मार्च में बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत भी शामिल हुईं। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी सांसद एक दिन के लिए भी सदन को चलने नहीं दे रहे हैं।

कंगना रनौत ने ANI से बातचीत में राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष पहले जिस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा था, अब उसी पर चर्चा से पीछे हट रहा है।

'एक दिन के लिए भी संसद नहीं चलने दे रहे'

कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष ने पहले इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन जब सरकार की ओर से चर्चा के लिए हामी भरी गई तो विपक्ष ने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह जनता को गुमराह किया जा रहा है।

एक्ट्रेस ने आगे कहा कि लोग देख सकते हैं कि विपक्ष देश के साथ कितना धोखा कर रहा है। उनके मुताबिक, विपक्ष संसद को एक दिन के लिए भी सुचारू रूप से नहीं चलने दे रहा है।

हाथ में प्लेकार्ड लेकर राहुल गांधी पर निशाना

कंगना रनौत संसद की लाइब्रेरी से मकर द्वार की ओर निकले एनडीए सांसदों के विरोध मार्च में शामिल हुईं। इस दौरान उनके हाथ में एक प्लेकार्ड था, जिस पर लिखा था, 'झारखंड में छात्रों पर हुई हिंसा पर राहुल गांधी जवाब दो।' बता दें, मार्च के दौरान एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ नारे भी लगाए। इनमें 'राहुल गांधी जवाब दो' और 'राहुल गांधी भागो मत' जैसे नारे शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों की 98 फीसदी मांगें पूरी कर दी गई हैं

झारखंड सरकार की ओर से हालिया बातचीत के बाद दावा किया गया कि प्रदर्शनकारियों की 98 फीसदी मांगें पूरी कर दी गई हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिन 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की गई है, उनमें से सिर्फ तीन परीक्षाएं ही कैंसिल की गई हैं।

छात्र JPSC और JSSC में बड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा वे 14वीं JPSC सिविल सर्विस परीक्षा सहित दूसरी परीक्षाओं को भी कैंसिल करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग भी कर रहे हैं। इसके लिए उनकी मांग है कि जांच सीबीआई और झारखंड के बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की कमेटी से कराई जाए।