
पुणे के लाखों यात्रियों और आईटी पेशेवरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। हिंजवड़ी से शिवाजीनगर के बीच बन रही मेट्रो लाइन 3 (Pune Metro Line 3) के पहले फेज का शुभारंभ आगामी 15 जुलाई से हो सकता है। पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) के कमिश्नर अभिजीत चौधरी ने यह जानकारी दी। इस सेवा के शुरू होने से हिंजवड़ी और शिवाजीनगर के बीच के कई इलाके में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से लोगों को निजात मिलेगी।
पहले चरण में करीब 12 किमी लंबे मार्ग पर 12 मेट्रो स्टेशनों से यात्री सेवाएं शुरू की जाएंगी। वहीं, दूसरे चरण में 11 मेट्रो स्टेशन खुलेंगे। इस पूरे कॉरिडोर को अगले दो महीनों के भीतर चालू करने की योजना है।
पीएमआरडीए पीएमआरडीए अभिजीत चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 15 जुलाई से मेट्रो सेवा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसी के अनुसार विभाग परियोजना के पहले चरण को समय पर शुरू करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित 'वॉर रूम' बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र की 20 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की थी। इसी बैठक में हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो परियोजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई थी।
हालांकि मेट्रो संचालन शुरू होने से पहले अंतिम सुरक्षा मंजूरी मिलना जरूरी है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) पहले ही 12 किमी लंबे हिस्से का प्रारंभिक निरीक्षण कर चुके हैं। पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अनुसार, अंतिम निरीक्षण 15 से 20 जून के बीच होने की संभावना है। यदि इस दौरान कोई बड़ी तकनीकी खामी नहीं पाई जाती है तो 15 जुलाई से यात्री सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन-3 की कुल लंबाई लगभग 23.2 किलोमीटर है। पूरे एलिवेटेड कॉरिडोर में कुल 23 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में मान से रामनगर तक 12 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में बाकी 11 स्टेशन शुरू किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण के चालू होते ही दूसरे चरण का बचा हुआ काम तेजी से पूरा किया जाएगा।
पुणे का हिंजवड़ी क्षेत्र देश के प्रमुख आईटी हब में से एक माना जाता है। यहां हर दिन हजारों कर्मचारी काम के लिए आते-जाते हैं। ऑफिस समय के दौरान इस क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है, जिससे यात्रियों को घंटों सड़क पर फंसना पड़ता है।
मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद हिंजवड़ी आईटी पार्क आने-जाने वाले लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा का समय कम होगा और सड़क यातायात पर दबाव भी काफी हद तक घटेगा।
हिंजवड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो परियोजना महाराष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परिवहन परियोजनाओं में से एक है। 23.2 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की कुल लागत लगभग 8,313 करोड़ रुपये है। परियोजना पूरी तरह शुरू होने के बाद हिंजवड़ी, बालेवाड़ी, वाकड़, बाणेर और शिवाजीनगर जैसे प्रमुख इलाकों के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।