मुंबई

‘या तो अस्पताल जाओगे या श्मशान’, संजय राउत की धमकी पर बागी सांसद संजय दीना पाटिल का पलटवार

Sanjay Dina Patil: उद्धव ठाकरे गुट के छह बागी सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। पार्टी प्रवेश के बाद संजय दिना पाटिल ने संजय राउत पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया। साथ ही ठाकरे गुट के शिवसैनिकों को चेतावनी भी दी है।
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Jun 23, 2026
Uddhav Thackeray Sanjay Raut Sanjay Dina Patil
उद्धव ठाकरे और संजय राउत (Photo: IANS)

Operation Tiger Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत रविवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से छह लोक सभा सांसदों ने उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना (शिंदे गुट) का दामन थाम लिया। इस मौके पर एकनाथ शिंदे ने सभी सांसदों का स्वागत करते हुए उन्हें ‘छह टाइगर’ बताया और उनके काम की जमकर सराहना की।

हालांकि, पार्टी प्रवेश के बाद अधिकांश सांसद मीडिया से बिना बातचीत किए निकल गए, लेकिन मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद संजय दीना पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ठाकरे और उनके करीबी नेताओं पर निशाना साधा। साथ ही संजय राउत की धमकी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, शिवसेना (यूबीटी) में मेरे समर्थकों का अपमान हो रहा था। मैं सात वर्षों से पार्टी में था, सांसद होने के बावजूद मुझे उचित मान सम्मान नहीं मिल रहा था। सिर्फ एक शख्स की वजह से मैंने पार्टी छोड़ी।

'मैं टिकट मांगने नहीं गया था, उद्धव ठाकरे ने खुद बुलाया था'

संजय दिना पाटिल ने कहा कि उन्हें उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन पार्टी के भीतर कुछ लोगों को दिए गए आश्वासन पूरे नहीं किए गए। उन्होंने दावा किया कि वह कभी खुद उद्धव ठाकरे के पास नहीं गए थे। राज ठाकरे की पार्टी मनसे को यह सीट नहीं मिले, इसलिए मुझे उम्मीदवार बनाया गया।

पाटिल ने कहा, "मैं न तो पार्टी में शामिल होने की मांग लेकर गया था और न ही विधायक या सांसद बनने की इच्छा जताई थी। मुझे उद्धव ठाकरे ने खुद बुलाया था। वह मनसे को सीट नहीं देना चाहते थे।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग नहीं चाहते थे कि वह पार्टी में बने रहें।

रविवार को उद्धव ठाकरे ने संजय दिना पाटिल के संसदीय क्षेत्र में सभा की थी। इस दौरान शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी भाषण दिया था। पाटिल ने उनके बयानों पर पलटवार करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और संकेत दिया कि पार्टी के भीतर कुछ नेताओं के रवैये से वह लंबे समय से असंतुष्ट थे। उन्होंने कहा कि अगर ठाकरे ने उनकी बात पहले सुनी होती, तो आज हालात ऐसे नहीं होते। बागी रुख अपनाने पर मुझे गालियां दी गई, मैं चाहता था कि मुझसे माफी मांगी जाये और वापस बुलाया जाये, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

शिवसैनिकों को चेतावनी, बोले- भड़कावे में न आएं

पार्टी बदलने के बाद बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच संजय दिना पाटिल ने ठाकरे खेमे के शिवसैनिकों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन किसी के उकसावे में आकर कोई गलत कदम उठाएगा तो सही सलामत वापस नहीं जा पाएगा।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "किसी के भड़कावे में आकर कोई भी ऐसा कदम न उठाए, वरना किसी को अस्पताल जाना पड़ सकता है और किसी को श्मशान। अगर कोई ऐसा करने के बारे में सोच रहा है, तो उसे पहले इंश्योरेंस करवा लेना चाहिए।"

सुरक्षा को लेकर भी दिया बड़ा बयान

संजय दिना पाटिल ने कहा कि उन्हें किसी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों से भी उन्होंने सुरक्षा न देने की बात कही है। पाटिल ने कहा, "अगर किसी पर हमला होता है तो उसका आरोप मुझ पर लगाया जाएगा। इसलिए सुरक्षा उन्हें दी जानी चाहिए। मैंने खुद पुलिस से कहा है कि मुझे सुरक्षा की जरूरत नहीं है। अगर मुझे या मेरे जानने वालों को निशाना बनाया गया, तो मैं मुंहतोड़ जवाब दूंगा, लेकिन अगर पुलिस मेरे साथ होगी तो मैं ऐसा नहीं कर पाऊंगा। इसलिए मुझे सुरक्षा नहीं चाहिए, मैं अपनी सुरक्षा खुद करूंगा।"

बता दें कि व्हिप जारी किए जाने के बावजूद छह सांसद शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय बोर्ड की बैठक में नहीं पहुंचे, जिसके बाद उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने बागी रुख अपनाने वाले सांसदों को सबक सिखाने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि जो नेता पार्टी छोड़कर जाएंगे, उन्हें गंभीर परिणाम का सामना करना पड़ेगा। हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे। इन सांसदों को उनके निर्वाचन क्षेत्र की जनता ही जवाब देगी।

संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखा हमला करते हुए उन्हें गद्दार कहा था, एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बागी सांसदों को मीडिया के सामने ही गाली भी दी थी। उद्धव गुट के एकमात्र राज्यसभा सांसद राउत ने कहा था कि शिवसैनिकों के गुस्से से बचने के लिए उन्हें भारतीय वायुसेना की सुरक्षा भी कम पड़ेगी। बाद में महाराष्ट्र पुलिस ने शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों को ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा दी।

उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बीच संजय दिना पाटिल के आक्रामक तेवरों ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।

Updated on:
23 Jun 2026 09:41 am
Published on:
23 Jun 2026 08:27 am
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