
KBC के सेट से अमिताभ बच्चन की फोटो। (फोटो सोर्स: instagram- sonyliv)
Amitabh Bachchan Knee Injury:अमिताभ बच्चन के द्वारा होस्ट किए जाने वाले शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' का लेटेस्ट एपिसोड बिग बी की एक बड़ी घोषणा के साथ शुरू हुआ। आमतौर पर हर एपिसोड की शुरुआत पूरे जोश के साथ मंच पर दौड़कर करने वाले दिग्गज एक्टर ने बताया कि पिछले दिन उनके घुटने में चोट लग गई थी।
उन्होंने कहा, "आमतौर पर मैं अपना मोनोलॉग मंच के बीच में खड़े होकर करता हूं, लेकिन आज मेरे घुटने में चोट लगी है।" बच्चन ने आगे कहा, "कल शूटिंग के दौरान मैं फिसलकर गिर गया और मेरे घुटने में चोट लग गई।" चोट के बारे में बताते हुए उन्होंने अपने बाएं घुटने की ओर इशारा किया। एक्टर की बात सुनकर दर्शक चौंक गए। उन्होंने तुरंत बताया कि चोट गंभीर नहीं है और वे चैलेंजर्स को होस्ट करने के लिए खड़े होंगे, लेकिन शुरुआती मोनोलॉग के लिए उन्होंने बैठकर बात करना चुना क्योंकि उन्हें "खड़े होने में थोड़ी दिक्कत" हो रही थी। स्टूडियो में मौजूद दर्शकों ने उनके जल्द ठीक होने की कामना की।
इसके बाद दिग्गज एक्टर ने पिछले दिन के रोलओवर कंटेस्टेंट, शौर्य दास का स्वागत किया, जिन्होंने अपना गेम आगे बढ़ाया। शौर्य 25 लाख रुपये के सवाल तक तो सफलतापूर्वक खेल गईं, लेकिन 50 लाख रुपये के सवाल ने उन्हें उलझन में डाल दिया।
50 लाख रुपये के लिए सवाल था, 1930 के दशक में, लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक लाइब्रेरी बनाने का काम उस आर्किटेक्ट को सौंपा गया था, जिन्होंने किस देश की राजधानी का डिजाइन भी तैयार किया था? ऑप्शन थे: वेलिंगटन, कैनबरा, टोरंटो, ब्रासीलिया।
शौर्य सही जवाब को लेकर पक्का नहीं थीं, इसलिए उन्होंने गेम छोड़ दिया और 25 लाख रुपये लेकर चली गईं। गेम छोड़ने के बाद, उन्होंने कैनबरा का अंदाजा लगाया, जो कि सही जवाब था।
एपिसोड के दौरान, शौर्य ने बताया कि वह अभी अपने माता-पिता के साथ रहती हैं और कोई नौकरी नहीं कर रही हैं क्योंकि वह स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले UPSC के लिए भी कोशिश की थी, लेकिन उन्हें वह परीक्षा बहुत मुश्किल लगी। वह अपनी स्टेट PSC परीक्षा पास करने के बाद ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) बनना चाहती हैं।
कैनबरा का डिजाइन वॉल्टर बर्ली ग्रिफिन ने तैयार किया था, जिन्हें 1913 में ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बुलाया था। उन्हें 1935 में लखनऊ यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी का डिजाइन बनाने का मौका मिला। हालांकि, उन्होंने भारत में कुछ समय के लिए ही रहने की योजना बनाई थी, लेकिन जल्द ही उन्हें कई दूसरी इमारतों का डिजाइन बनाने का काम भी सौंप दिया गया। 1937 में लखनऊ में ग्रिफिन का निधन हो गया।
Updated on:
30 Sept 2026 07:30 pm
Published on:
30 Sept 2026 06:54 pm
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