
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। कोल्हापुर में देवी अंबाबाई मंदिर गलियारा परियोजना के कार्यक्रम में अमित शाह ने मंच से कहा कि अब महाराष्ट्र में सिर्फ एक ही शिवसेना है। अब शिंदे गुट या उद्धव गुट कहने की जरुरत ख़त्म हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह के इस बयान को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे अमित शाह के ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ है।
दरअसल, शनिवार को कोल्हापुर में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उल्लेख करते हुए की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले एकनाथ शिंदे का जिक्र करते समय शिवसेना शिंदे गुट कहना पड़ता था, लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है, अब सिर्फ एक ही शिवसेना है। शाह के इस बयान को महाराष्ट्र में चल रहे कथित 'ऑपरेशन टाइगर' और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से छह लोक सभा सांसदों के शिंदे गुट में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में शाह की टिप्पणी को महज राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे शिवसेना और मराठी लोगों का अपमान बताया है।
अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह लगातार बालासाहेब ठाकरे की विरासत और शिवसेना का अपमान कर रहे हैं। एकनाथ शिंदे का जिस तरह से उल्लेख किया जा रहा है, वह मराठी अस्मिता का भी अपमान है।
उन्होंने आगे कहा कि एकनाथ शिंदे भाजपा की ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ हैं, जिसे अमित शाह ने तैयार किया है। यह ‘बच्चा’ अभी चार साल का हुआ है।
संजय राउत ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न शिंदे गुट को मिलने के पीछे राजनीतिक दबाव काम कर रहा था। राउत ने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या अमित शाह अब सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख बन गए हैं? सुप्रीम कोर्ट अभी तक इस मामले पर फैसला नहीं दे पाया है। चुनाव आयोग ने भी दबाव में आकर पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न शिंदे गुट को दिया।"
उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह के मन की बात अब उनके बयानों में दिखाई देने लगी है और उन्होंने ही एकनाथ शिंदे को शिवसेना प्रमुख की जगह लेने की प्रेरणा दी।
संजय राउत यहीं नहीं रुके। उन्होंने अमित शाह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिश रचने का भी आरोप लगाया। राउत ने कहा, "अमित शाह का मूल व्यवसाय शेयर बाजार में निवेश करना और पैसा कमाना रहा है। वे अब नरेंद्र मोदी को चुनौती देने वाली रणनीति तैयार कर रहे हैं और इस पूरी प्रक्रिया में एकनाथ शिंदे को साथ लिया गया है।"
उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में जिन शिवसेना (उद्धव गुट) सांसदों के बगावत को लेकर चर्चा हो रही है, वे तकनीकी रूप से अभी भी हमारे सांसद हैं और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम निर्देश जारी नहीं किया गया है। न तो शिंदे गुट ने अभी तक उन्हें अपना बताया है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह एनडीए छोड़कर कांग्रेस की गोद में जा बैठे हैं और घुसपैठियों को वोट बैंक में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा कि पहले लोगों को शिवसेना गुटों का अलग से जिक्र करना पड़ता था, लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है और केवल एक ही शिवसेना है, जिसके प्रमुख एकनाथ शिंदे हैं।
शाह ने कहा कि कांग्रेस नेता और कांग्रेस की गोद में बैठे उद्धव ठाकरे घुसपैठियों को वोट बैंक में बदलकर अपना अस्तित्व बचाना चाहते हैं। मैं उन्हें साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। यहां केवल वही लोग रहेंगे जो इस देश के हैं। हर घुसपैठिये की पहचान की जाएगी और उन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा।