
Operation Tiger: महाराष्ट्र के 'ऑपरेशन टाइगर' () ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। शिवसेना ठाकरे गुट (Shiv Sena UBT) के 6 सांसदों की बगावत और एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की खबरों के बीच ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने तीखा हमला बोला है। राउत ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक बेहद तीखा और विवादित पोस्ट साझा किया है, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इससे पहले राउत ने मीडिया के सामने बागी सांसदों को गाली दी थी और उसे सेंसर नहीं करने के लिए कहा था।
संजय राउत ने इस पोस्ट के जरिए सीधे तौर पर पैसों के दम पर हो रही राजनीति पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने ट्वीट में जाने-माने विचारक आचार्य दादा धर्माधिकारी और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के पुराने बयानों का हवाला दिया है। राउत ने लिखा, "आचार्य दादा धर्माधिकारी ने कहा था कि पैसों का राज वेश्या का राज होता है! वहीं, बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि मौजूदा राजनीति को देखते हुए तो वेश्याएं भी ज्यादा वफादार और प्रामाणिक होती हैं..."
इस बयान के जरिए संजय राउत ने भाजपा नीत महायुति सरकार और पार्टी छोड़कर जा रहे बागी सांसदों पर बेहद गंभीर और तीखा अप्रत्यक्ष हमला बोला है।
इस घमासान के बीच संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए यह आरोप भी लगाया है कि महाराष्ट्र के सांसदों को तोड़ने के लिए 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ सांसदों को एडवांस के तौर पर 15 करोड़ रुपये मिलने के बाद ही वे दिल्ली के विमान में बैठे।
संजय राउत के बयान पर शिंदे गुट और कई मंत्रियों ने कड़ा ऐतराज जताया है। शिवसेना (शिंदे सेना) के नेताओं का कहना है कि संजय राउत अपनी भाषा की मर्यादा पूरी तरह भूल चुके हैं और उनकी यही अभद्र भाषा उद्धव ठाकरे की शिवसेना के पूरी तरह खत्म होने का कारण बन रही है।
दिल्ली में गुरुवार सुबह बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसदों के न पहुंचने के कारण उद्धव गुट को अपनी जमीन खिसकती हुई महसूस हो रही है। इस बीच, राउत के इस ट्वीट के बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखे हमलों का दौर और ज्यादा आक्रामक हो गया है।