मुंबई

‘ऑपरेशन टाइगर’ फेल! उद्धव के बुलावे पर सभी 9 सांसदों ने मातोश्री में लगाई हाजिरी

Uddhav Thackeray Shiv Sena Meeting: शिवसेना (UBT) के सांसदों के पाला बदलने की अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज अपने सभी लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई थी। यह बैठक मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित ‘मातोश्री’ निवास पर हुई।

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Jun 14, 2026
Shiv Sena UBT MP meeting
उद्धव ठाकरे और संजय राउत (Photo: IANS/File)

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में कथित बगावत और सांसदों के पाला बदलने की चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में भी 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज अपने सभी लोक सभा सांसदों की अहम बैठक 'मातोश्री' निवास पर बुलाई थी।

सांसदों की टूट की चर्चाओं के बीच बुलाई गई बैठक

पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि उद्धव ठाकरे गुट के अधिकांश सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इसे लेकर 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा जोरों पर थी।

इन अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने सभी सांसदों की बैठक बुलाकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि लोक सभा में ठाकरे गुट के कुल 9 सांसद हैं और किसी भी संभावित टूट के लिए दो-तिहाई यानी कम से कम 6 सांसदों का समर्थन जरूरी होगा। नहीं तो दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।

सभी 9 सांसद हमारे साथ है- संजय राउत का दावा

राज्य सभा सांसद संजय राउत ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि ठाकरे गुट के सभी 9 सांसद पार्टी और उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता राउत ने कहा कि पार्टी में किसी प्रकार की टूट की संभावना नहीं है और बैठक में सभी सांसद मौजूद थे।

राउत ने कहा, "उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे, संजय दिना पाटिल, अरविंद सावंत समेत मैं खुद मातोश्री में उपस्थित था। बाकी पांच सांसदों ने ऑनलाइन और फोन के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। हमारे सभी नौ सांसद पार्टी और उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि यह कोई विशेष बैठक नहीं थी, बल्कि हर महीने होने वाली नियमित बैठक थी, जिसमें उद्धव ठाकरे सांसदों का मार्गदर्शन करते हैं।

अगले कुछ दिनों में मातोश्री पहुंचेंगे बाकी सांसद

संजय राउत ने बताया कि जो सांसद निजी और पारिवारिक कारणों से व्यक्तिगत रूप से आज बैठक में शामिल नहीं हो सके, वे अगले दो-तीन दिनों में मातोश्री जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही टूट की चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है।

महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर भी चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे दिल्ली की बड़ी राजनीतिक हलचलों को मुख्य वजह माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हुई है, जिसके पीछे भाजपा का हाथ बताया जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मोदी सरकार लोकसभा में 'महिला आरक्षण' और 'निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन (परिसीमन) विधेयक' को दोबारा लाने की तैयारी कर रही है। इन बड़े विधेयकों को पास कराने के लिए केंद्र सरकार को संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है। इसी गणित को साधने के लिए एनडीए (NDA) कुनबे को बढ़ाने की कोशिशें तेज हैं, जिसके चलते उद्धव गुट के सांसदों को भी तोड़े जाने की अफवाहें उड़ी थीं।

'ऑपरेशन टाइगर' का दावा फेल!

हाल ही में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया था कि आने वाले चार से पांच दिनों में ठाकरे गुट के छह से सात सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई थी। इसके बाद शिंदे खेमे के नेता व राज्य सरकार में मंत्री प्रताप सरनाइक ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह कोई अस्थायी अभियान नहीं, बल्कि 24 घंटे और साल के 365 दिन चलता रहता है।

हालांकि, मातोश्री की बैठक के बाद संजय राउत के बयान ने इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। फिर भी 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर राजनीतिक चर्चाएं अभी पूरी तरह थमी नहीं हैं और आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

Published on:
14 Jun 2026 04:36 pm