मुंबई

ठाकरे पिता-पुत्र को लगा बड़ा झटका, एक साथ 20 नगरसेवक शिंदे की शिवसेना में शामिल, वर्ली में भी लगी सेंध

Shiv Sena Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारे में एक बार फिर बहुत बड़ी हलचल देखने को मिल रही है, जिसने महाविकास अघाड़ी (MVA) को बैकफुट पर ला दिया है। कई दिग्गज नेता अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए लगातार पाला बदल रहे हैं।

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Jun 10, 2026
Uddhav Thackeray Shiv Sena setback
उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे (Photo: IANS/File)

महाराष्ट्र में नेताओं और पदाधिकारियों के दल-बदल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच मंगलवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। वरली के शाखा प्रमुख सूर्यकांत कोली समेत रायगढ़ जिले के कर्जत के 20 नगरसेवकों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में प्रवेश कर लिया।

मुंबई स्थित नंदनवन निवास पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना में शामिल हुए सभी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। इस घटनाक्रम को ठाकरे गुट के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वर्ली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व खुद आदित्य ठाकरे करते हैं। ऐसे में उनके गढ़ में हुई यह राजनीतिक सेंध आगामी स्थानीय निकाय और चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वर्ली में ठाकरे गुट को लगा बड़ा झटका  

मिली जानकारी के अनुसार, वर्ली के शाखा प्रमुख सूर्यकांत कोली ने अपने समर्थकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ शिंदे की उपस्थिति में शिवसेना की सदस्यता ग्रहण की। वहीं रायगढ़ जिले के कर्जत क्षेत्र के 20 नगरसेवकों ने भी ठाकरे गुट छोड़कर शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया।

इस मौके पर सूर्यकांत कोली ने कहा कि वर्ली कोलीवाड़ा क्षेत्र की कई समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने करीब 40 वर्षों तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन उन्हें कभी चुनाव लड़ने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और स्थानीय समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से उन्होंने यह फैसला लिया है।

शिंदे ने किया नए पदाधिकारियों का स्वागत

इस प्रवेश कार्यक्रम के दौरान शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने नए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य भर से लगातार शिवसेना में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ रही है, जो पार्टी की विचारधारा और नेतृत्व पर जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

शिंदे ने कहा कि शिवसेना, बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्ववादी विचारों और धर्मवीर आनंद दिघे की सीख को आगे बढ़ाते हुए काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि 80 प्रतिशत समाजसेवा और 20 प्रतिशत राजनीति के मूल मंत्र के साथ पार्टी आगे बढ़ रही है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि शिवसेना में शामिल होने वाले नए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

डबल इंजन सरकार से विकास को मिली रफ्तार- शिंदे

अपने संबोधन में एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार 12 वर्षों तक देश का नेतृत्व करने का ऐतिहासिक पड़ाव पूरा करने जा रहे हैं और उनके नेतृत्व में भारत ने विकास और वैश्विक पहचान के नए आयाम स्थापित किए हैं।

शिंदे ने कहा कि शिवसेना एनडीए (NDA) की प्रमुख सहयोगी पार्टी है और पीएम मोदी के नेतृत्व में काम करना गर्व की बात है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और महाराष्ट्र में मौजूद डबल इंजन सरकार के कारण विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है और इसी विकास की राजनीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं।

इस अवसर पर नांदेड़ जिले की रयत क्रांति संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद वंजारे, सोलापुर जिले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता रमेश हसापुरे, पालघर जिले से उद्धव गुट और एनसीपी के विभाग प्रमुख प्रवीण गवली, संतोष महाले, योगेश भानुशाली, मालती गवली समेत कई सरपंच, उपसरपंच, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भगवा ध्वज थामकर शिवसेना में औपचारिक प्रवेश किया।

Published on:
10 Jun 2026 08:29 am