मुजफ्फरनगर

मुजफ्फरनगर में फिर दो समुदायों में संघर्ष, क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात

पुलिस की लापरवाही के चलते मुजफ्फरनगर के पुरबालियान गांव में दो समुदायों में संघर्ष
2 min read
muzaffarnagar
मुजफ्फरनगर में फिर दो समुदायों में संघर्ष, क्षेत्र तनाव को देखते हुए पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात

मुजफ्फरनगर. जिले में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। दरअसल, 21 अगस्त को बच्चो में हुए झगड़े के बाद दो समुदायों में मारपीट हो गई थी। मारपीट के बाद पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। शुक्रवार को आरोपियों ने पीड़ित पक्ष पर फैसले का दबाव बनाने के लिए दोबारा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि दूसरे समुदाय के सैकड़ों लोग लाठी-डंडे लेकर पीड़ित के घर में घुस गए और उनके साथ मारपीट कर दी। आरोपियों द्वारा पुलिस के साथ भी मारपीट और धक्का-मुक्की की गई, जिसके बाद गांव में पीएसी और कई थानों की फोर्स बुलाई गई। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

बता दें कि यह पूरा मामला थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव पुरबालियान का है। जहां 21 अगस्त को खेलने के दौरान बच्चों के झगड़े ने विकराल रूप ले लिया था। जहां मुस्लिम समुदाय के सैंकड़ो लोगों ने पाल समाज के घरों में घुसकर जमकर मारपीट कर दी थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से 12 लोगों को नामजद करते हुए 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने लापरवाही दिखाते हुए इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की थी। इसके बाद से आरोपी समुदाय लगातार पीड़ित पक्ष पर फैसले का दबाव बना रहा था। फैसला नह होते देख आरोपियों ने शुक्रवार को अपने नौकर की खुद पिटाई कर पीड़ित पक्ष पर पिटाई का आरोप लगा दिया और हंगामा शुरू कर दिया। यही नहीं आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के घर में दोबारा घुसकर जमकर मारपीट और गाली-गलौज की। इसी बीच पुरानी घटना को लेकर हलका इंचार्ज दरोगा ओमप्रकाश दो सिपाहियों के साथ गांव में नक्शा नजीर बना रहे थे। आरोपियों ने पीड़ितों के साथ-साथ दरोगा के पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट और धक्का-मुक्की की। इसके बाद थाना प्रभारी कई थानों की फोर्स को लेकर गांव में पहुंचे, लेकिन आरोपियों के हौसले फिर भी बुलंद रहे। जिसके बाद गांव में मजबूरी में पीएसी व भारी फोर्स तैनात की गई है। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने की वजह से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। सबसे अहम बात यह है कि अगर पुलिस ने 21 अगस्त को हुई घटना में ही कठोर कार्रवाई की होती तो आज गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा न होती।

हालांकि दोबारा हुई इस घटना के बाद एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कठोर कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही है। आपको बता दें कि 7 सितंबर 2013 को मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक हिंसा की आग में झुलसा था और उसमें थाना मंसूरपुर क्षेत्र का गांव पुरबालियान के लोगों ने उस समय झगड़े को तूल देने का काम किया था। नंगला मंदौड़ पंचायत से वापस लौट रहे लोगों के साथ पथराव व मारपीट की गई थी।

Updated on:
25 Aug 2018 09:40 am
Published on:
25 Aug 2018 09:39 am
Also Read
View All
मुजफ्फरनगर में रोडवेज बस ने दो बाइक सवारों को कुचला, मासूम समेत पांच की मौत

Rakesh Tikait Jayant Chaudhary: दिल्ली में राकेश टिकैत-जयंत चौधरी की मुलाकात, साथ दिखे J&K के डिप्टी CM, बढ़ी सियासी हलचल

‘अपनी पार्टी संभालें मंत्री जी’, ओपी राजभर पर बरसे सपा सांसद हरेंद्र मलिक, बोले- BJP की लिखी स्क्रिप्ट बोलते हैं सहयोगी

मुजफ्फरनगर में फिर सुलगी 2013 दंगों की चिंगारी! भड़काऊ पोस्टरों पर भड़के राकेश टिकैत, बोले- चुनावी साजिश है ये

‘मैं मरना पसंद करूंगा’, 36 दोषियों को फांसी की सजा सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर के बयान ने खड़े किए बड़े सवाल, आखिर क्यों कही ये बात?