रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन के विरोधी गुट के माने जाते हैं झिंझाना चेयरमैन नौशाद कुरैशी
शामली। कैराना उपचुनाव में वोटिंग से पहले जहां राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) प्रत्याशी तबस्सुम हसन के समर्थन में सभी विपक्षी एकजुट हो रहे हैं, वहीं भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में भी झिंझाना चेयरमैन मैदान में उतर गए हैं। झिंझाना चेयरमैन नौशाद कुरैशी तबस्सुम हसन के विरोधी गुट माने जाते हैं। पहले उन्होंने लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन के पक्ष में लोगों से वोट देने की अपील की थी।
झिंझाना चेयरमैन ने थामा भाजपा का दामन
झिंझाना चेयरमैन नौशाद कुरैशी ने शुक्रवार रात को भाजपा का दामन थाम लिया। बताया जा रहा है कि हुकुम सिंह की बेटी व भाजपा उम्मीदवार मृगांका सिंह शुक्रवार रात को नौशाद कुरैशी के घर पर पहुंची थीं। वहां पर पहले से ही कुरैशी के समर्थक मौजूद थे। इसके बाद कुरैशी ने भाजपा का दामन थाम लिया और मृगांका सिंह के समर्थन का ऐलान किया।
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भाजपा को जिताने का दिलाया भरोसा
उन्होंने अब भाजपा को जिताने का भरोसा दिलाया है। आपको बता दें कि नौशाद अली को तबस्सुम हसन के विरोधी गुट का माना जाता है। उन्होंने पहले लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन के पक्ष में प्रचार किया था लेकिन कंवर के तबस्सुम के साथ मिल जाने के बाद नौशाद ने भी पाला बदल लिया।
सियासी दुश्मन हुए एक
कैराना लोकसभा सीट पर 28 मई को मतदान होगा जबकि 31 मई को मतगणना होगी। यहां से भाजपा की तरफ से दिवंगत हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह, जबकि रालोद की आेर से तबस्सुम हसन मैदान में हैं। तबस्सुम हसन को सपा का भी समर्थन मिला हुआ है। उपचुनाव में वोटिंग से पहले कई सियासी दुश्मन हो गए। तबस्सुम के बेटे नाहिद और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने एक-दूसरे के गले मिलकर भाजपा के खिलाफ अपने इरादे जाहिए कर दिए थे। इसके बाद पीस पार्टी और 'आप' ने भी तबस्सुम के समर्थन का ऐलान कर दिया। फिर लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन भी तबस्सुम की तरफ आ गए। उधर, मृगांका के भतीजे अनिल चौहान पहले ही उनके साथ आ चुके हैं और अब झिंझाना चेयरमैन के आने के बाद उनकी ताकत भी बढ़ गई है।