समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के घर पर चल रही है अहम बैठक
शामली। कैराना लोकसभा सीट पर 28 मई को होने वाले उपचुनाव के लिए मुख्य दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। जहां गुरुवार को भाजपा के बड़े नेताओं का शामली में जमावड़ा लगा रहा, वहीं शुक्रवार को लखनऊ स्थित अखिलेश यादव के घर पर बाकी दलों की बैठक बुलाई गई। सूत्रों के अनुसार, खबर लिखे जाने तक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के घर पर सपा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) और कांग्रेस के बड़े नेताओं की बैठक चल रही थी। इसमें महागठबंधन की संभावनाओं पर विचार चल रहा है।
अखिलेश के घर पर चल रही बैठक
गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव जीतने के बाद सपा और बसपा गठबंधन के कैराना में साथ लड़ने की चर्चा थी। रालोद ने भी इसमें शामिल होने की इच्छा जताई थी। रालोद की तरफ से जयंत चौधरी के मैदान मे उतरने की चर्चा चल रही है। वेस्ट यूपी के कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में हुई बैठक में रालोद के समर्थन की सलाह दी थी। इसी को लेकर शुकवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अखिलेश यादव के घर पर सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में जयंत चौधरी को महागठबंधन का प्रत्याशी बनाए जाने पर विचार हो रहा है।
सपा के दावेदारों को लगेगा झटका
वहीं, अगर यह महागठबंधन होता है और जयंत चौधरी को इसके प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा जाता है तो सपा से टिकट मांग रहे दावेदारों को बड़ा झटका लग सकता है। अब तक पूर्व सांसद तबस्सुम हसन को कैराना से सपा के टिकट का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। उनके अलावा कुछ और नेता भी टिकट की लाइन में थे। हालांकि, गुरुवार तक तो यह चर्चा रहीं कि सपा अपना उम्मीदवार उतारेगी, लेकिन शुक्रवार को हो रही बैठक के बाद अब तस्वीर बदल सकती है।
भाजपा नेताओं की भी हुई बैठक
वहीं, अगर महागठबंधन पर सहमति बनती है तो भाजपा के लिए यहां से चुनाव जीतना काफी मुश्किल होगा। कैराना लोकसभा क्षेत्र के जातीय समीकरण के हिसाब से दलित मुस्लिम वोट बैंक को साधने वाले के जीतने के चांस ज्यादा होंगे। उधर, गुरुवार को भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल शामली में थे। वहां हुई बैठक में पश्चिम उत्तर प्रदेश के दो दर्जन से ज्यादा विधायक, तीन सांसद, चार मंत्री और भाजपा के पदाधिकारी भी शामिल हुए। इस बैठक में सुनील बंसल ने कहा कि कार्यकर्ताओं को हर कीमत पर कैराना लोकसभा चुनाव में विजय हासिल करनी है। आपको बता दें कि भाजपा की तरह से अब तक संभावित उम्मीदवार के तौर पर हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को देखा जा रहा है।