मुजफ्फरनगर

शराब के नशे में दरोगा का हाईवोल्टेज ड्रामा, सिपाही से पूछा- कहां खड़े हैं? सिपाही- खड़े नहीं पड़े हो

Muzaffarnagar Policeman Viral Video : मुजफ्फरनगर में CM योगी की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात दरोगा चौबे सिंह शराब के नशे में धुत होकर सड़क पर लेटे मिले। 'कहां खड़े हैं' पूछने पर सिपाही ने दिया मजेदार जवाब।
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नशे में धुत्त पड़े मिले दरोगा, PC- Video Grab Enhanced by Gemini

मुजफ्फरनगर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस उप-निरीक्षक शराब के नशे में धुत होकर सड़क पर लेट गए। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे बेहोशी की हालत में अजीब सवाल पूछते नजर आ रहे हैं।

वीडियो में दरोगा चौबे सिंह जमीन पर लेटे हुए पास खड़े पुलिसकर्मियों से पूछ रहे हैं- 'मुझे ये बताओ, मैं कहां पे खड़ा हूं?'
जवाब में एक सिपाही हंसते हुए कहता है- 'तुम खड़े कहां हो, पड़े हो!'

जानें क्या है पूरा मामला

सोमवार को मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की संयुक्त रैली कार्यक्रम था। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। फुगाना थाने में तैनात उप-निरीक्षक चौबे सिंह को भी वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी सौंपी गई थी, लेकिन वे ड्यूटी पर पहुंचने की बजाय शराब पीकर तहसील सदर परिसर के फैमिली कंपाउंड के पास अर्धनग्न अवस्था में पड़े मिले।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि उनकी खाकी शर्ट गायब थी, पैंट की हालत खराब थी और वे मिट्टी में लोटपोट हो रहे थे। नशे की वजह से उन्हें यह भी होश नहीं था कि वे कहां हैं और क्या कर रहे हैं।

एसपी ने दरोगा को किया संस्पेंड

वीडियो वायरल होते ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने गंभीरता से संज्ञान लिया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने उप-निरीक्षक चौबे सिंह को अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उनकी मेडिकल जांच भी कराई गई, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई।

विभागीय जांच के दिए गए आदेश

पुलिस क्षेत्राधिकारी यतेंद्र नागर ने बताया कि चौबे सिंह को ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और नशे की हालत में पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

यह घटना खाकी वर्दी की गरिमा पर सवाल खड़ी कर रही है, खासकर जब मुख्यमंत्री खुद जिले में मौजूद थे और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई थी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे लापरवाह और अनुशासनहीन कर्मियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक और उदाहरण है, जहां ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

Updated on:
14 Apr 2026 04:33 pm
Published on:
14 Apr 2026 04:33 pm