Muzaffarnagar Police Encounter : मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल बदमाश 'इनाम' का एक अजीबोगरीब वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह गोली लगने के बाद दर्द से कराहते हुए पुलिसकर्मियों से सिगरेट-बीड़ी पिलाने की मांग कर रहा है।
मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ ने एक अनोखे वीडियो के जरिए सुर्खियां बटोर ली है। रविवार देर शाम रामराज थाना पुलिस टीम जब जमालपुर नहर पटरी पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी एक बाइक सवार ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया।
घायल बदमाश की पहचान इनाम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट समेत एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से एक संदिग्ध बाइक, एक तमंचा और कुछ कारतूस भी बरामद किए।
घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में है घायल बदमाश का वो वीडियो, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में इनाम जमीन पर पड़ा दर्द से कराह रहा है, लेकिन उसकी मांग देखकर लोग हैरान हैं। दर्द से तड़पते हुए बदमाश पुलिसकर्मियों से कहता है, 'साहब! एक सिगरेट पिलवा दो… एक बीड़ी पिलवा दो…'
यह अजीबोगरीब मांग सुनकर लोग हैरानी और मजाकिया टिप्पणियों के साथ वीडियो शेयर कर रहे हैं। कई यूजर्स लिख रहे हैं कि 'गोली खाने के बाद भी सिगरेट की लालच”, जबकि कुछ इसे बदमाश की बेफिक्री का उदाहरण बता रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बदमाश ने पहले पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद मजबूरन जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। घायल बदमाश को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सीओ जानसठ ऋषिका सिंह ने कहा कि पूरी टीम सतर्क थी और कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के अनुसार की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच चल रही है। बदमाश के आपराधिक इतिहास, उसके साथियों और पूरे नेटवर्क की छानबीन की जा रही है।
ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया। औरैया के पुलिस अधीक्षक ने तुरंत संज्ञान लेते हुए आरोपी मुख्य आरक्षी राजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि जांच में यदि आरोप सही पाए गए तो दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सबसे कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बर्खास्तगी तक की सजा हो सकती है।