शामली के बाबरी क्षेत्र के गांव लाडो मजरी में स्थित प्राथमिक विद्यालय के दो वीडियो हुईं वायरल
शामली। स्कूल खुलते ही इनकी पोल भी खुलने लगी है। निजी स्कूली के वाहनों के हादसों की खबर जहां लगभग रोज आ रही है, वहीं सरकारी स्कूलाें की हालत भी सामने नजर आ रही है। योगी सरकार भले ही सरकारी स्कूलों की बेहतरी के लिए कितने भी कदम उठाए लेकिन वहां की तस्वीरें कुछ और ही हकीकत बयां करती हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्यों कोई सरकारी अधिकारी या नेता अपने बच्चों काे ऐसे स्कूलों में भेजना पसंद नहीं करते हैं।
दो वीडियो हुई वायरल
अभी कुछ दिन पहले बुलंदशहर के एक स्कूल की वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें बच्चों से पढ़ाई की जगह झाड़ू लगवाई जा रही थी। अब ऐसे ही दो वीडियो शामली में भी वायरल हुए हैं। इसमें एक में तो शिक्षक कक्षा में फर्श पर लेटकर छात्र-छात्राओं को मोबाइल में फिल्म दिखा रहे थे। वहीं, दूसरी वीडियो में स्कूल के कुछ बच्चों से फावड़े से सफाई कराई जा रही है। ये वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों के भी होश उड़ गए।
लाडो माजरी प्राथमिक विद्यालय का मामला
यह पूरा मामला जनपद शामली के बाबरी क्षेत्र के गांव लाडो मजरी में स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। इस स्कूल की अलग-अलग दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसमें से एक वीडियो में दिख रहा है कि स्कूल में तैनात शिक्षक अरविंद क्लासरूम में लेटकर छात्र-छात्राओं को अपने मोबाइल में वीडियो दिखा रहे हैं। उन्होंने बच्चों के बैग को अपने सिर का तकिया बनाया हुआ है।
क्यारी बनाने को टीचर ने कहा
वहीं, दूसरी वीडियो में स्कूल के छात्र फावड़ा चला कर सफाई करते दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह लाडो माजरी स्कूल है। उन्हें शिक्षक अरविंद ने यहां पानी के लिए क्यारी बनाने को कहा है। वे यहां पढ़ाई करने आए हैं।
प्रिंसिपल ने बताया इसे गलत
जब इस संबंध में स्कूल के प्रधानाचार्य हितेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिस दिन की यह वीडियो है, उस दिन वह में शिक्षा विभाग की बैठक में गए हुए थे। उनके यहां 47 बच्चे हैं। उनके पास टीचर का फोन आया था कि उनकी तबीयत खराब है। इस पर उन्होंने उनको स्कूल में रुकने को कहा था। काम कराए जाने के मामले में वे उनसे बात करेंगे। बच्चों को वीडियो दिखाना व उनसे काम कराना गलत है। अगर ऐसा हुआ है तो कार्रवाई होगी। आपको बता दें कि स्कूल में केवल एक ही टीचर है।