एसएसपी अनंतदेव तिवारी की इस अनूठी पहल की मुस्लिम वर्ग में बड़ी तारीफ की जा रही है
मुजफ्फरनगर। होली का त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाने के लिए पुलिस बहुत ही सजग नजर आ रही है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने हर थाने पर सद्भावना मीटिंग का आयोजन कर दोनों समुदायों के लोगों के बीच न केवल विश्वास पैदा किया बल्कि एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने हजरत मोहम्मद साहब का संदेश भी पंफलेट के रूप में छपवाकर लोगों में बंटवाया। उन्होंने इसके जरिए एक अच्छा मैसेज देने का प्रयास किया है। उनकी इस अनूठी पहल की मुस्लिम वर्ग में बड़ी प्रशंशा की जा रही है। इतना ही नहीं देवबंदी उलेमाओं ने उनकी इस पहल काे सराहा है।
शुक्रवार को है होली
एसएसपी अनंतदेव के अनुसार, यह होली का त्यौहार है। होली में कुछ चीजों को लेकर समाज में आपस में झगड़े होते हैं। सांप्रदायिक तनाव होता है। जो लोग होली नहीं खेलते हैं, उनके ऊपर रंग गिर जाने से झगड़े की संभावना रहती है। इसीको रेाकने के लिए यह पहल की गई है। आपको बता दें कि इस बार होली शुक्रवार को है। उस दिन मुसलमान भी काफी संख्या में नमाज अदा करेंगे।
बंटवाए पर्चे
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होली के त्यौहार को शांति पूर्ण होने के लिए कड़े निर्देश दिए थे। इसके चलते मुजफ्फरनगर के एसएसपी अंनत देव तिवारी ने पर्चों के जरिये मुस्लिमों में एक अनोखा पैगाम भेजा है। इसमें मोहम्मद साहब की अच्छाई की कहानी को बयां किया गया है। इस पर्चे को मिलने के बाद एसएसपी की इस अनूठी मुहिम से मुस्लिम समुदाय में अनोखी खुशी देखने को मिल रही है। वे एसएसपी को लगातार अपना समर्थन भी दे रहे हैं। अनंतदेव ने पर्चे में मुसलमानों से पैगंबर की सुन्नत पर अमल करने की अपील की है। उन्होंने मोहम्मद साहब की ही सहनशीलता और उदारता की एक घटना का जिक्र करते हुए यह पत्र लिखा है। इस बारे में पूर्व सभासद अफतार अंसारी का कहना है कि यह बहुत अच्छी अपील की गई है। सभी को एकसज्ञथ यह त्यौहार मनाना चाहिए। वहीं, मतलूब अंसारी का कहना है कि एसएसपी साहब ने बहुत अच्छी अपील की है। इस तरह से कोई झगड़ा नहीं होगा।
क्या लिखा है पर्चे में
दोस्तों, आप उस रसूल-ए-पाक के उम्मत के फर्द (सदस्य) हैं जिसके रसूल-ए-पाक जिस रास्ते से गुजरते थे, उस रास्ते पर रहने वाली एक बूढ़ी महिला रसूल पर गंदगी डाल देती थी। रसूल उसे झाड़कर निकल जाते थे। यह सिलसिला रोज का था। एक दिन उस महिला ने रसूल पर गंदगी नहीं फेंकी तो रसूल वहीं रुक गए और उस औरत के बारे में जानकारी हासिल की। पता चला कि वह बीमार है। रसूल इजाजत लेकर उस महिला के घर में गए और उसका हालचाल पूछा। महिला ने देखा कि यह वही शख्स है जिस पर वह गंदगी फेंकती थी। उसे लगा कि मुहम्मद साहब बदला लेने आए हैं, लेकिन जब मुहम्मद साहब ने उसका मिजाज पुर्सी की बात की और उसके इलाज का जिक्र किया तो महिला के आंखों में आंसू आ गए। महिला यहूदी थी, वह मुहम्मद साहब के इस मधुर व्यवहार को देखकर रो पड़ी और पैरों पर सिर रख दिया और ईमान ले आई।
भाइयो आप सब उम्मत के फर्द हैं जिसके किरदार का हुस्न-ए-एखलाक (मधुर व्यवहार) देखकर पत्थर दिल पिघल गया। इसलिए आप सब सुन्नते रसूल को याद करके कभी भी आग को आग से बुझाने की कोशिश न करें। आग बुझाने के लिए पानी की जरूरत होती है। अक्ल और होश का दामन मत छोड़ना, वरना शैतान का फितना (नकारात्मक मंसूबा) काम कर जाएगा। अगर किसी बच्चे या बड़े से नासमझी हो जाए तो सब्र और धीरज से काम लेकर होली के शुभ अवसर पर जिले में अमन कायम रखेंगे। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद होगा। आपका शुभचिंतक अनंत देव।