नागौर

Gold-Silver Price : 12 दिन में सोना 5 हजार तो चांदी के भाव में 12 हजार की गिरावट, असमंजस में हैं ग्राहक

Gold-Silver Price : सोना-चांदी के भाव में भारी गिरावट। 3 माह के निचले स्तर पर पहुंचे सोना-चांदी की कीमतें। 12 दिन में सोना 5 हजार तो चांदी के भाव 12 हजार तक लुढ़के। असमंजस में हैं ग्राहक। जानें पूरा मामला।
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Gold-Silver Price : सर्राफा बाजार में लम्बे समय बाद गिरावट देखने को मिल रही है। दिवाली के दिनों में 80 की दहलीज को पार करके 82 हजार तक पहुंचा सोना और 1 लाख से अधिक हुई चांदी के भाव 12 दिनों में ही वापस कम होने लगे हैं। सोने के भाव में 5 हजार और चांदी के दाम 12 हजार रुपए तक लुढ़क चुके हैं। बताया जा रहा है कि इसके पीछे का कारण अमेरिका चुनाव के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रम्प का चुने जाना और रुस-यूक्रेन व ईरान-इजरायल के युद्ध का धीमा पड़ना है। दीपावली पर सोना अब तक के अपने सर्वाधिक भाव 82 हजार प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। वहीं चांदी के अधिकतम भाव 1 लाख 2 हजार रुपए प्रति किलो हो गए थे। अचानक से सोना-चांदी के बढ़े भावों ने ग्राहकों की नींद उड़ा दी थी, लेकिन फिर भी सर्राफा बाजार में अच्छी खरीदारी हुई और करोड़ों रुपए कारोबार हुआ।

पिछले 2-4 दिनों में सर्राफा बाजार पड़ा सुस्त

लेकिन पिछले 2-4 दिनों में सर्राफा बाजार सुस्त पड़ गया है। जिसके पीछे का कारण है कि सोना और चांदी दोनों के फिर से कम होते भाव और असमंजस में पड़े ग्राहक। 10 दिनों में चांदी के भावों में 5 हजार रुपए और सोने के भावों में 12 हजार रुपए की गिरावट आई है। जानकारी अनुसार दाम कम होने की मुख्य वजह अमेरिका में विगत दिनों हुए चुनाव और उनके परिणाम में डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिकी प्रेसिडेंट बनना। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी अलग नीतियों के कारण रूस व यू्क्रेन के युद्ध में हस्तक्षेप नहीं करने की वजह भी है।

बाजार एकतरफा नहीं चलता, यह गिरावट आनी ही थी - सर्राफा व्यापारी

सर्राफा व्यापारी दिवेश सोनी मेड़ता सिटी ने बताया कि देखिए, सोना वायदा बाजार पर आधारित है। लम्बे समय से बाजार एक अच्छे सुधार की उम्मीद करके बैठा था। बाजार में माना जा रहा था कि मंदी आनी चाहिए। क्योंकि पहले एकतरफा तेजी हुई थी। 2 महीने पहले भाव 70 हजार थे और फिर 82 हजार हो गए। हर कमॉडिटी में कभी ना कभी तेजी आती है। यह तेजी स्थायी रूप से नहीं रह सकती। व्यापारियों की मंशा थी कि भावों में सुधार आए और लोगों का भी मनोबल बढ़े की अब सोना खरीद लें। बाजार एकतरफा नहीं चलता, यह गिरावट आनी ही थी।

अगस्त महीने में यह थे भाव

मेड़ता के प्रमुख सर्राफा करोबारी नरेंद्र सोनी भामा ने बताया कि सोने-चांदी के भाव तीन माह पहले के नीचले स्तर पर पहुंच गए हैं। तीन महीने पहले यानि की अगस्त में सोने-चांदी के ये भाव थे। जो एकतरफा तेजी के बाद वापस उसी भाव पर पहुंच गए हैं। इतने दिनों तक बाजार में ब्राहकी काफी अच्छी थी। लेकिन अब भावों के कम होने से ग्राहकी सुस्त हो गई है। शादी विवाह के सीजन के बावजूद बाजार में ग्राहकी मंदी है।

ग्राहकों की 2 वैरायटी

अब कम हुए भावों के बीच खरीदारी को लेकर 2 तरह के ग्राहक देखने को मिल रहे हैं। एक तो वो जो अचानक कम हुए भावों के बाद वैवाहिक सीजन को लेकर सोने-चांदी की खरीद कर रहे हैं। दूसरे वो जो अभी भी सोने-चांदी के भाव और कम होने का इंतजार कर रहे हैं। ग्राहकों को उम्मीद है कि सोने के भाव 70 हजार तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में बाजार के साथ ग्राहक भी असमंजस की स्थिति में हैं। सर्राफा कारोबारी धर्मीचंद सोनी ने बताया कि ग्राहकों को अभी भी भावों में और गिरावट की उम्मीद है। लेकिन सोने-चांदी का कारोबार कभी भी इतने नीचे नहीं आता है। ले किन सोने के भाव एकदम से बढ़े थे तो नीचे तो आने थे।

ऐसे समझिए भावों में अंतर

प्रोडक्ट - 2 नवंबर - 14 नवंबर - अंतर
सोना - 82000 - 77000 - 5000।
चांदी - 102000 - 90000 - 12000।

Updated on:
15 Nov 2024 12:32 pm
Published on:
15 Nov 2024 12:32 pm