नागौर

राजस्थान में GST विभाग से सरकार को ₹16 करोड़ रुपए राजस्व का नुकसान, पिछले एक दशक में 2025-26 में हुआ सबसे ज्यादा घाटा

Rajasthan News: राजस्थान में जीएसटी राजस्व वसूली को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। वर्ष 2025-26 में सरकार निर्धारित लक्ष्य से करीब 16,600 करोड़ रुपए पीछे रह गई, जबकि विभागीय स्तर पर सर्वे और रोड चेकिंग जैसी कार्रवाई लगभग ठप रही।
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May 16, 2026
GST Revenue Loss
फोटो: AI

Revenue Loss From GST Department Negligence: राजस्थान में जीएसटी से राजस्व वसूली लगातार बढ़ने के बावजूद वर्ष 2025-26 में सरकार को राजस्व का बड़ा झटका लगा है। वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक के आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार न केवल राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया, बल्कि 16 हजार 600 करोड़ का राजस्व नहीं आ पाया। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में जीएसटी से 61,700 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति का संशोधित लक्ष्य रखा गया था, लेकिन वास्तविक वसूली केवल 45,052 करोड़ रुपए ही रही। लक्ष्य प्राप्ति केवल 73.02 प्रतिशत पर सिमट कर रह गई।

राज्य कर विभाग की राजस्व वसूली में बरती गई लापरवाही से सरकार के खजाने पर मार पड़ी है। विभाग ने 61 हजार 700 करोड़ राजस्व वसूली का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए राजस्थान भर में न तो सर्वे की कार्रवाई की और न ही रोड चेकिंग कराई। नतीजतन विभाग पिछले वर्ष वसूले राजस्व की बराबरी भी नहीं कर पाया।

आंकड़ों में छिपा सच

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में जीएसटी वृद्धि दर 25 प्रतिशत से अधिक रही, लेकिन इसके बाद बढ़ोतरी की रफ्तार घटती गई। वर्ष 2023-24 में वृद्धि दर एकल अंक में पहुंच गई, और 2025-26 में यह करीब 6 प्रतिशत तक सिमट गई। हालांकि राज्य में जीएसटी लागू होने के शुरुआती वर्षों में राजस्व वृद्धि तेज रही। वर्ष 2017-18 में जीएसटी से 12,137 करोड़ रुपए की वसूली हुई थी। इसके बाद कारोबार बढ़ने और टैक्स दायरा विस्तारित होने से संग्रह लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा 27,501 करोड़ रुपए तक पहुंचा और 2025-26 में बढ़कर 45,052 करोड़ रुपए हो गया। इसके बाद विभाग का लवाजमा ऑफिस से बाहर निकलना बंद हो गया। डीसी एवं सीटीओ के स्तर पर प्रदेश के सभी जिलों में सर्वे की कार्रवाइयां और रोड चेकिंग का औसत लगभग शून्य रहा।

रोड चेकिंग और सर्वे पर भी सवाल

विभागीय स्तर पर होने वाली रोड चेकिंग, ई-वे बिल जांच और सर्वे अभियानों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों के अनुसार कई क्षेत्रों में फील्ड स्तर की निगरानी कमजोर रहने से टैक्स चोरी रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। परिवहन जांच और कारोबारी सत्यापन की गति कम रहने का असर भी राजस्व वसूली पर पड़ा है।

विशेषज्ञों ने बताई जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बड़े लक्ष्य तय करने से राजस्व नहीं बढ़ता। इसके लिए जमीनी स्तर पर निगरानी, डेटा विश्लेषण, फर्जी बिलिंग पर सख्ती और नियमित जांच अभियान जरूरी होते हैं। यदि निगरानी तंत्र मजबूत नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में भी लक्ष्य और वास्तविक वसूली के बीच बड़ा अंतर बना रह सकता है।

फैक्ट फाइल

  • 2025-26 जीएसटी लक्ष्य: 61,700 करोड़
  • वास्तविक जीएसटी वसूली: 45,052 करोड़
  • लक्ष्य से कमी करीब: 16,600 करोड़
  • लक्ष्य प्राप्ति: 73.02 प्रतिशत

जीएसटी वसूली आंकड़ों में…2017 से अब तक

  • 2017-18 जीएसटी वसूली: 12,137 करोड़
  • 2021-22 जीएसटी वसूली: 27,501 करोड़
  • 2024-25 जीएसटी वसूली: 42,518 करोड़

राज्य कर विभाग के अतिरिक्त आयुक्त सोहनलाल जाट से सीधी बात….

पत्रिका- लक्ष्य प्राप्ति में राजस्थान राज्य कर विभाग इस बार कैसे पिछड़ गया?
सोहनलाल- लक्ष्य की पूर्ति नहीं हुई यह कहना पूरी तरह से सही नहीं होगा। विभाग की ओर से यथासमय आवश्यकतानुसार कार्रवाइयां की जाती है।

पत्रिका- भीलवाड़ा एवं कोटा में सेंट्रल टीम का आकर कार्रवाई करना, राज्यकर विभाग की शिथिलता को नहीं दर्शाता?
सोहनलाल- राज्य कर विभाग की तरह सेंट्रल टीम को भी कार्रवाई करने का अधिकार है। राजस्व भी कम नहीं प्राप्त हुआ है।

पत्रिका- पिछले एक साल में रोड चेकिंग एवं सर्वे नहीं होने का क्या कारण रहा?
सोहनलाल-
आप इस संबंध में कमिश्नर मैडम से बात कर लीजिए।

Updated on:
16 May 2026 12:29 pm
Published on:
16 May 2026 12:29 pm