नागौर

मातम में बदलीं खुशियां: घर पहुचने से पहले ही सैनिक की हादसे में हुई मौत, राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार

सेवानिवृत्ति के दिन एक हादसे में अपनी जान गवाने वाले ( Jawan Death ) नागौर जिले की मौलासर तहसील के ग्राम अलखपुरा निवासी सैनिक पूर्णा राम मेघवाल पुत्र पन्नाराम की पार्थिव देह मंगलवार को गांव पहुंचने पर सैकड़ों लोगों ने अंतिम विदाई दी।

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Mar 03, 2020
Jawan Killed In Accident : Soldier Died On Retirement

नागौर
सेवानिवृत्ति के दिन एक हादसे में अपनी जान गवाने वाले ( Jawan Death ) नागौर जिले की मौलासर तहसील के ग्राम अलखपुरा निवासी सैनिक पूर्णा राम मेघवाल पुत्र पन्नाराम की पार्थिव देह मंगलवार को गांव पहुंचने पर सैकड़ों लोगों ने अंतिम विदाई दी। तिरंगे में लिपटा सैनिक पूर्णाराम 38 वर्ष का पार्थिव शरीर जैसे ही मौलासर वह बाद में गांव अलखपुरा पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। सैनिक की पार्थिव देह के साथ जन सैलाब के रूप में चल रहे लोगों में देशभक्ति का जज्बा नजर आ रहा था।

तिरंगा लहराते हुए निकाली बाइक रैली ( NAGAUR NEWS )


सुबह 11 बजे सैनिक की देह मौलासर पहुंच गई यहां से सैनिक पुरणाराम मेघवाल को नमन करने के लिए सैकड़ों युवाओं ने मौलासर से करीब 5 किलोमीटर दूरी पार कर गांव अलखपुरा तक तिरंगा लहराते हुए बाइक रैली निकाली। इस दौरान देश भक्ति के जोश में बाइक सवार युवाओं में भारत माता के जयकारे, सैनिक पुरणाराम अमर रहे आदि नारे लगाते चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह सैनिक की पार्थिव से के दर्शन एवं सम्मान के लिए गांव ढाणियों और निजी शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों ने सड़क पर कतार में खड़े होकर पुष्प वर्षा की।

पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह मौलासर पहुंचा

जानकारी के अनुसार आर्टलरी सेंटर नासिक में नायक पद पर तैनात सैनिक पुरणाराम मेघवाल 29 फरवरी को सेना से सेवानिवृत्त हुए और उसी दिन देर शाम को एक हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह मौलासर पहुंचा।


पुष्प वर्षा कर दी सलामी

मौलासर से अलखपूरा तक सैनिक के सम्मान में पुष्प बरसाए तथा श्री बालाजी क्लासेज व बचपन एंड सेविन स्टार स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सैनिक पूरणाराम को सलामी दी। इस दौरान मौलासर से अलखपूरा तक लोगों की भीड़ जमा हो गई।


बिलख पड़ी ममता


अपने कलेजे के टुकड़े के अंतिम दर्शन के लिए पूर्णाराम की 80 वर्षीय मां की ममता विलख पड़ी। पत्नी मोहनी देवी की आंखें भी रुलाई से पथरा गईं। वहीं सैनिक की 1 वर्षीय मासूम बेटी को तो अभी पता ही नहीं था कि क्या हुआ है, बस वह तो रोए जा रही थी। घर में हर किसी को बिलखते देख लोगों की आंखें भी नम हो रही थीं। लेकिन फिर भी लोग परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे।


क्षेत्र में शोक की लहर

सैनिक मूलाराम मेघवाल की मौत की सूचना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सैनिक के 11 वर्षीय बेटे अनुराग ने पिता को मुखाग्नि दी तो माहौल गमगीन हो गया। दोपहर करीब 3 बजे गांव में राजकीय सम्मान ( State Honor ) के साथ सैकड़ों नम आंखों ने सैनिक को अंतिम विदाई दी।

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Published on:
03 Mar 2020 10:10 pm
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