नागौर

Rajasthan Mandi News: भावों में बड़ी गिरावट से किसानों को लगा तगड़ा झटका, सौंफ के 4000 रुपए गिरे दाम, जानें मंडी रेट

Mandi Rate: नागौर मंडी में पिछले 10 दिनों के दौरान जीरा, सौंफ और इसबगोल के भावों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खासकर सौंफ के दाम ₹4000 प्रति क्विंटल तक टूटने से किसानों और व्यापारियों को बड़ा झटका लगा है।

3 min read
May 14, 2026
नागौर कृषि उपजमंडी का फोटो: पत्रिका

Nagaur Mandi Bhav: नागौर की कृषि उपज मंडी में पिछले 10 दिन के दौरान मसाला जिंसों ने बाजार को पूरी तरह गरमाए रखा। खास तौर पर जीरा, सौंफ और इसबगोल में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 30 अप्रेल से 12 मई तक मंडी में हुई खरीद-फरोख्त के दौरान जीरे के भाव पहले तेजी से बढ़े और फिर अचानक टूट गए। सौंफ में सबसे ज्यादा अस्थिरता रही, जहां भाव 19 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने के बाद 4 हजार रुपए तक नीचे आ गए। कारोबारियों के अनुसार बाहरी बाजारों की मांग, किसानों की आवक और मुनाफावसूली के कारण बाजार लगातार बदलता रहा। कई किसानों को उतरते-चढ़ते भावों के बीच तगड़ा झटका लगा है।

ये भी पढ़ें

Baran Mandi: सीजन के सर्वाधिक भावों में बिका लहसुन, मंडी में 7000 कट्टों की आवक के साथ ₹21910 प्रति क्विंटल रहे दाम

जीरा के किसानों में मायूसी

मंडी में जीरे का अधिकतम भाव 30 अप्रेल को 21 हजार रुपए प्रति क्विंटल था। इसके बाद लगातार मांग के चलते 6 मई को यह बढ़कर 22 हजार 500 रुपए तक पहुंच गया। हालांकि बाद में आवक बढ़ने और व्यापारियों की मुनाफावसूली से बाजार नीचे आ गया। एकदिन पहले जीरे का अधिकतम भाव 20 हजार 500 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इस तरह 6 मई के मुकाबले जीरे में करीब 2 हजार रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज हुई। इससे जीरा लेकर आने वाले किसानों में मायूसी देखी गई।

सौंफ में सबसे ज्यादा उठापटक

सौंफ में इस अवधि में सबसे ज्यादा उठापटक रही। 30 अप्रेल को सौंफ का अधिकतम भाव 17 हजार 500 रुपए था, जो 5 मई को बढ़कर 19 हजार रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गया। इसके बाद बाजार लगातार कमजोर हुआ और 9 मई को भाव घटकर 13 हजार रुपए तक आ गए। 11 मई को फिर तेजी लौटी और भाव 17 हजार 400 रुपए तक पहुंचे, लेकिन 12 मई को पुन: गिरावट के साथ अधिकतम भाव 15 हजार रुपए रह गया। यानी 5 मई के उच्च स्तर से अब तक करीब 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज हुई।

सरसों (रायड़ा) 40 प्रतिशत फैट तेल के भावों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 30 अप्रेल को इसका भाव 6425 रुपए था, जो 11 मई को बढ़कर 6800 रुपए तक पहुंच गया। 12 मई को यह घटकर 6700 रुपए रह गया। इस प्रकार 10 दिनों में करीब 375 रुपए की तेजी दर्ज हुई।

इसबगोल में भी बाजार सक्रिय

इसबगोल में भी बाजार सक्रिय रहा। 30 अप्रेल को इसके अधिकतम भाव 14 हजार रुपए थे, जो 5 मई को बढ़कर 15 हजार 115 रुपए तक पहुंचे। बाद में 11 मई को यह घटकर 13 हजार 900 रुपए पर आ गया, जबकि 12 मई को फिर बढ़कर 14 हजार 876 रुपए दर्ज किए गए। तारामीरा के भाव 5175 रुपए से बढ़कर 5500 रुपए तक पहुंचे और इसमें करीब 325 रुपए की तेजी रही।

विराट चमकी मूंग का अधिकतम भाव 30 अप्रेल को 8600 रुपए था, जो घटते हुए 5 मई को 8200 रुपए तक पहुंच गया। सामान्य मूंग 11 और 12 मई को 8000 से 8200 रुपए प्रति क्विंटल बिकी। ग्वार के भाव पूरे समय 5300 से 5471 रुपए के बीच बने रहे। 30 अप्रेल को अधिकतम भाव 5471 रुपए था, जबकि 12 मई को यह 5375 रुपए रहा।

ज्वार के भाव सबसे कम रहे। न्यूनतम भाव लगातार 3000 रुपए प्रति क्विंटल रहा। अधिकतम भाव 30 अप्रेल को 4000 रुपए था, जो 9 मई को बढ़कर 5325 रुपए तक पहुंचा, लेकिन बाद में 12 मई को घटकर 4500 रुपए रह गया। चना के भाव 4900 से 4925 रुपए प्रति क्विंटल के बीच स्थिर बने रहे। काला तिल 8000 से 9000 रुपए और सफेद तिल 9000 से 10 हजार रुपए के दायरे में कारोबार करता रहा। दाणा मेथी के भाव 5500 से बढ़कर 5900 रुपए तक पहुंचे, जबकि सिसबी सुवा 7400 से 8000 रुपए के बीच रही।

मंडी व्यापारी बोले

मंडी कारोबारी पवन भट्टड़, निरंजन, सुरेश बजाज और रामेश्वर सारस्वत ने बताया कि पिछले दिनों सबसे ज्यादा हलचल जीरा, सौंफ और इसबगोल में रही। उनके अनुसार बाहरी राज्यों की मांग, सीमित आवक और मौसम के असर से बाजार के रुख बदलते रहे। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी मसाला जिंसों में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Weather News : फिर बदलेगा मौसम, 15 मई से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय, इन जिलों में आंधी-बारिश के आसार
Published on:
14 May 2026 12:26 pm
Also Read
View All