नागौर

Nagaur: भारी बारिश से किसानों की टूटी कमर, मूंग की फसल में 75 फीसदी तक खराबा, ग्वार व बाजरा को पहुंचा नुकसान

नागौर जिले में सबसे अधिक खराबा मूंग की फसल में हुआ है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 2,62,314 हैक्टेयर में मूंग की फसल में 33 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।

2 min read
Sep 10, 2025
नागौर शहर के निकट सलेऊ गांव के खेत में पानी भरने से खराब हुई मूंग की फसल। फोटो- पत्रिका

राजस्थान के नागौर जिले में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा मूंग की फसल खराब हुई है। ग्वार, बाजरा व कपास की फसलों में भी काफी नुकसान पहुंचा है। जिले में इस बार करीब सवा 8 लाख हैक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई हुई थी, जिसमें से 4.71 लाख हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसलों को 33 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान नागौर, रियां बड़ी, डेगाना, सांजू, जायल व डेह तहसील क्षेत्र में हुआ है।

ये भी पढ़ें

Rajasthan: CM ऑफिस से आए निर्देश तो हरकत में आया प्रशासन, दबंगों के अतिक्रमण JCB से किए ताबड़तोड़ वार

जिले में फसलवार खराबा

जिले में सबसे अधिक खराबा मूंग की फसल में हुआ है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 2,62,314 हैक्टेयर में मूंग की फसल में 33 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। इसी प्रकार बाजरा की फसल में 91,430 हैक्टेयर में, ग्वार की फसल में 91,820 हैक्टेयर में, कपास में 15 हजार हैक्टेयर में, ज्वार में 5620 हैक्टेयर में, मोठ में 2320 हैक्टेयर में, मूंगफली में 2080 हैक्टेयर में तथा 200 हैक्टेयर में चवला की फसल को मिलाकर कुल खराबा 4 लाख, 71 हजार, 160 हैक्टेयर में फसल अतिवृष्टि से प्रभावित हुई है।

किसानों ने उठाई मुआवजे की मांग

जिले में जून व जुलाई में अच्छी बारिश होने से बुआई भी अच्छी हुई और फसलें पनपी भी अच्छी, लेकिन बीच में एक महीने से ज्यादा समय तक बारिश नहीं होने के बाद अतिवृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में किसानों की कमर टूट गई है।

किसानों के लिए अब खाद-बीज और ट्रैक्टर का भाड़ा चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। उधर, जिला प्रशासन ने गिरदावरी का काम शुरू करवा दिया है और जैसे-जैसे खेत सूखने पर फसल कटाई का काम शुरू होगा, वैसे-वैसे फसल कटाई प्रयोग भी करवाए जाएंगे, ताकि खराबे का सही आकलन किया जा सके। उसी के आधार पर बीमा क्लेम मिलेगा।

यह वीडियो भी देखें

प्रारंभिक आकलन कर रिपोर्ट भेजी

जिले में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी है। सबसे ज्यादा नुकसान मूंग की फसल को हुआ है। इसके साथ ग्वार व बाजरा में भी नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने फसल काट ली और बारिश से खराब हो गई और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा करवाया है, वे फसल कटाई के 14 दिवस तक खेत में पड़ी फसल खराब होने की दशा में टोल फ्री नंबर 14447 या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप या पीएमएफबीवाई वॉट्सएप चेटबोट (7065514447) पर 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, ताकि कंपनी की ओर से उनके खराब फसल का निर्धारित समय में सर्वे किया जा सके और किसान को उचित क्लेम मिल सके।

  • हरीश मेहरा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, नागौर

ये भी पढ़ें

Jhalawar Farmer Protest: CM से मिलने के आश्वासन के बाद खत्म हुआ महापड़ाव, किसान बोले ‘यदि मुलाक़ात नहीं हुई तो…’

Also Read
View All

अगली खबर