MP News- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार का मामला अब इंटरपोल तक पहुंच गया है। स्पेशल टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) जांच करेगी और शिकारियों को पकड़ने जंगल-ग्रामों में सर्च ऑपरेशन जारी है।
MP News: मध्य प्रदेश नर्मदापुरम स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार के मामले की जानकारी राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण को भेज दी गई है। शिकारियों की पकड़ने के लिए इंटरपोल (Interpol) की मदद भी ली जाएगी। आगे की जांच के लिए टाइगर के शिकार का पूरा मामला वन विकास निगम ने स्पेशल टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) को सौंप दिया है। इसके बाद एसटीएसएफ अधिकारिक रूप से इसकी छानबीन करेगी।
जानकारी के मुताबिक, एसटीआर (Satpura Tiger Reserve) के बाघ का शिकार करने वाले शिकारियों को पकड़ने में एसटीएसएफ और एसटीआर मदद जरूर कर रहा है लेकिन अधिकारिक रूप से यह मामला निगम के पास था। निगम ने एनटीसीए को बाघ के शिकार की पूरी जानकारी भेजी है।
निगम के मुताबिक दिल्ली से ही इस संबंध में सूचना इंटरपोल सहित अन्य एजेंसियों तक जाएगी। इसके बाद यह पता करने की कोशिश की जाएगी कि टाइगर के कटे हुए पंजा देश के बाहर तो नहीं भेजा गया। इसपर नजर भी रखी जाएगी। एसटीआर में शिकारियों को पकडने के लिए जंगल और सीमा से लगे ग्रामों में 6 दिन सर्च ऑपरेशन चल रहा है। इसके बाद भी शिकारियों की सुराग तो दूर टाइगर का शिकार (Tiger Poaching) किस जगह किया गया है। इसका पता भी नहीं चल सका है।
जिस जगह टाइगर का शव मिला है। वह क्षेत्र वन विकास निगम का है। इसलिए निगम ने अपराध दर्ज किया है लेकिन उसके पास शिकारियों को पकड़ने अमला और जानकार नहीं हैं। इसलिए निगम ने मामला एसटीएसएफ को भेजने कार्रवाई पूर्ण कर दी है।
बाघ का शिकार करने वाले शिकारियों की सूचना देने वाले को एसटीआर ने 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। मिल रही सूचनाओं के आधार पर जांच टीमें कार्रवाई कर रही है। संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ कर रही हैं।
टाइगर के शिकार के जानकारी हमने एनटीसीए को भेज दी है। वहीं से इंटरपोल सहित अन्य एजेंसियों को बताया जाएगा। मामला एसटीएसएफ को सौंप दिया है।- आलोक पाठक, क्षेत्रीय महाप्रबंधक वन विकास निगम भोपाल
हमारी टीम शिकारियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई कर रही है। वन विकास निगम के पास से मामला अधिकारिक रूप से हमारे पास आने के बाद कुछ कह सकते हैं।- शरद जाटव, क्षेत्रीय प्रभारी, एसटीएसएफ भोपाल