राष्ट्रीय

बैंक लॉकर से निकले 2 करोड़ रुपये नगद ,5 मकान और 13 प्लॉट का खुलासा, ओडिशा में इंजिनियर के घर विजिलेंस का छापा

AEE Corruption Case: ओडिशा के ITDA बलिगुड़ा में तैनात AEE बैकुंठनाथ बेहरा पर आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया। विजिलेंस छापेमारी में बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद, पांच आलीशान मकान, 13 प्लॉट और अन्य निवेशों का खुलासा हुआ। विभाग उनकी घोषित आय और संपत्ति की जांच कर रहा है।
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Jun 06, 2026
Vigilance AEE Raid Odisha News
फोटो-(ANI)

Odisha AEE Corruption Case: ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति के एक मामले ने सभी को हैरान कर दिया है। विजिलेंस विभाग ने कंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित आईटीडीए (ITDA) में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजिनियर(AEE) बैकुंठनाथ बेहरा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान जो संपत्ति सामने आई, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। बताया जा रहा है कि बैकुंठनाथ बेहरा ने 1999 में महज 6 हजार रुपये मासिक वेतन पर जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी नौकरी शुरू की थी। लेकिन अब उनके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया जा रहा है।

9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी


ओडिशा विजिलेंस की टीम ने शनिवार को भुवनेश्वर, जाजपुर, बारिपदा और बलिगुड़ा में स्थित बैकुंठनाथ बेहरा के कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। जांच का मकसद बेहरा की आय और संपत्ति के बीच अंतर की पड़ताल करना था। शुरुआती जांच में ही अधिकारियों को कई अहम डाक्यूमेंट्स और संपत्तियों की जानकारी मिली।

बैंक लॉकर से मिले करीब 2 करोड़ रुपये


छापेमारी के दौरान सबसे बड़ा खुलासा बैंक लॉकरों से हुआ। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, लॉकरों की तलाशी में करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में लगभग 2.66 लाख रुपये नकद मिले थे, लेकिन बाद में बैंक लॉकरों की जांच में बड़ी मात्रा में नकदी सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि अभी दो और लॉकरों की जांच जारी है और बरामदगी का आंकड़ा बढ़ सकता है।

5 आलीशान मकानों का पता चला


जांच के दौरान अधिकारियों को बेहरा के नाम पर पांच बहुमंजिला मकानों की जानकारी मिली है। इनमें भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार इलाके में लगभग 10,500 वर्गफुट क्षेत्र में बना चार मंजिला मकान भी शामिल है। इसके अलावा सैलाश्री विहार, कानन विहार, चंद्रशेखरपुर और जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र में भी मकान पाए गए हैं। सभी संपत्तियों का बाजार मूल्य करोड़ों रुपये बताया जा रहा है।

13 प्लॉट भी मिले


मकानों के अलावा विजिलेंस टीम को 13 जमीनों (प्लॉट) की जानकारी भी मिली है। इनमें से सात प्लॉट भुवनेश्वर के प्रमुख और महंगे इलाकों में स्थित बताए जा रहे हैं। अधिकारियों की टीम इन सभी संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्हें किस सोर्स से खरीदा गया।

सोना, निवेश और बैंक जमा की भी जांच


विजिलेंस विभाग केवल नकदी और जमीन-जायदाद की जांच तक सीमित नहीं है। अधिकारियों ने सोने के आभूषण, बैंक खातों में जमा रकम, डाकघर निवेश और अन्य वित्तीय निवेशों की भी जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बेहरा की कुल संपत्ति का आकलन करने में जुटी हुई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी घोषित आय और वास्तविक संपत्ति में कितना अंतर है।

1999 में शुरू किया था करियर


बैकुंठनाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका मासिक वेतन करीब 6 हजार रुपये था। बाद में प्रमोशन के जरिए वे सहायक कार्यपालक अभियंता (AEE) बने। हालांकि अब उनके पास मिली भारी संपत्ति और नकदी ने जांच एजेंसियों को संदेह में डाल दिया है। विजिलेंस विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी संपत्ति वैध आय से अर्जित की गई है या नहीं।

Updated on:
06 Jun 2026 09:59 pm
Published on:
06 Jun 2026 09:47 pm
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