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‘पहले जनता सरकार चुनती थी, आज सरकार तय कर रही वोट कौन देगा’, चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और राजनीतिक व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जवाबदेही तय नहीं हुई तो देश में चुनावी हेरफेर जारी रहेगा और लोकतंत्र प्रभावित होगा।
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Aug 06, 2026
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चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Abhijeet Dipke on Election Commission: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश की अलग-अलग संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में उन्होंने कहा कि देश में संस्थागत जवाबदेही लगातार कमजोर हो रही है। इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है।

दीपके ने कहा कि पहले लोग सरकार चुनते थे लेकिन अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि सरकार यह तय कर रही है कि वोट कौन देगा और कौन नहीं। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग की जवाबदेही तय नहीं की गई तो चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठते रहेंगे।

राजनीतिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा घट रहा है

अभिजीत दीपके ने कहा कि आज लोग देखते हैं कि जिस नेता को वे एक पार्टी से चुनते हैं वह बाद में दूसरी पार्टी में चला जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार सरकारें बदलने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है। उनके मुताबिक, ऐसे घटनाक्रमों से राजनीतिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं होगा। लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा, जब संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही बनी रहे।

चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करनी होगी

दीपके ने कहा कि चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करना समय की जरूरत है। उनके अनुसार, अगर आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हुई तो चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और हेरफेर के आरोप लगते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि चुनाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह जाने का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

न्यायपालिका को लेकर भी उठाए सवाल

अभिजीत दीपके ने न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आम लोगों के मामलों की सुनवाई में लंबा समय लगता है जबकि हाई-प्रोफाइल मामलों में जल्द सुनवाई होती दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि कई बार आम नागरिकों को अदालतों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं, बड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और जल्द आदेश आने की बातें सामने आती हैं। दीपके के मुताबिक, इस वजह से न्याय व्यवस्था को लेकर भी लोगों के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं।

दीपक ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए राजनीतिक व्यवस्था, चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। तभी लोगों का इन संस्थाओं पर भरोसा मजबूत बना रहेगा।

Updated on:
06 Aug 2026 04:01 pm
Published on:
06 Aug 2026 03:58 pm