CID Reached Abhishek Banerjee House: पश्चिम बंगाल में कथित MLA सिग्नेचर फर्जीवाड़ा मामले की जांच तेज हो गई है। CID टीम टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित घर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिले। मामले में कई टीएमसी विधायकों से पूछताछ हो चुकी है।
Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति लगाकर चर्चा में बनी हुई है। खासकर टीएमसी नेताओं के सरकार पर लगातार आरोपों से माहौल गर्म है। इसी बीच टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित घर ‘शांतिनिकेतन’ पर शनिवार को CID की टीम पहुंची। यह कार्रवाई कथित एमएलए सिग्नेचर मामले की जांच के सिलसिले में की गई। हालांकि, जांच अधिकारियों को वहां अभिषेक बनर्जी नहीं मिले। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीआईडी के करीब चार अधिकारी उनके घर पहुंचे थे। टीम ने घर पर मौजूद स्टाफ से बातचीत भी की, लेकिन कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि डायमंड हार्बर सांसद इस समय कहां हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर दिए गए एक समर्थन पत्र से जुड़ा है। आरोप है कि इस पत्र में टीएमसी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी हो सकते हैं। इसी मामले की जांच सीआईडी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि यह पत्र शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर समर्थन देने के लिए विधानसभा सचिवालय में जमा कराया गया था। नेता प्रतिपक्ष का यह पद कैबिनेट मंत्री के दर्जे के बराबर माना जाता है। लेकिन बाद में कुछ हस्ताक्षरों को लेकर सवाल उठने लगे।
सबसे ज्यादा चर्चा चौरंगी सीट से विधायक नयना बनर्जी के हस्ताक्षर को लेकर हो रही है। विधानसभा सचिवालय ने कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि समर्थन पत्र पर मौजूद नयना बनर्जी के हस्ताक्षर, उनके शपथ लेने के समय दिए गए हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते।
इसी मामले में CID पहले ही टीएमसी विधायक कुणाल घोष से पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा बोलपुर विधायक चंद्रनाथ सिन्हा और कैनिंग ईस्ट के विधायक बहारुल इस्लाम से भी सवाल-जवाब किए गए हैं। गुरुवार शाम को सीआईडी की एक टीम नयना बनर्जी के घर भी पहुंची थी। सूत्रों के मुताबिक टीम अपने साथ वीडियोग्राफर भी लेकर गई थी। जांच के दौरान उनके पैन कार्ड की तस्वीरें भी ली गईं।
अभिषेक बनर्जी का बयान भी इस मामले में सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें मुझे एक नोटिस देना था, और मुझे उसे खुद ही लेना था। इसलिए, वे यहीं इंतजार कर रहे थे। वे गलती से कहीं और चले गए थे; उन्हें पता नहीं था कि मैं कहां रहता हूं। मीडिया से कहते हुए उन्होंने कहा कि इसलिए, आपके जरिए मैंने यह कहलवाया कि अगर कोई मुझे नोटिस देना चाहता है, तो मैं यहीं हूं।
सीआईडी की इस कार्रवाई पर नयना बनर्जी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह पांच बार की विधायक हैं और इस तरह की जांच उनके लिए अपमानजनक है। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की जानकारी उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को दे दी है। वहीं, शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने फिलहाल इस विवाद पर खुलकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि वह पहले नयना बनर्जी से बात करेंगे, उसके बाद ही कोई प्रतिक्रिया देंगे।