
TMC: टीएमसी पार्टी में चल रहे उठापटक के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। बागी नेताओं के बगावत के बीच पार्टी महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि AITC को एक ही राजनीतिक पार्टी माना जाए।
पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने जो चिट्ठी लिखी है उसमें लोकसभा स्पीकर से मांग की है कि AITC को एक ही राजनीतिक पार्टी माना जाए, जिसका प्रतिनिधित्व सदन में केवल उसके अधिकृत नेता और व्हिप के जरिए हो। साथ ही, AITC के किसी भी कथित अलग गुट या धड़े को कोई मान्यता, दर्जा या सुविधा न दी जाए। सांसद कीर्तिआजाद और सागरिका घोष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के घर ये पत्र लेकर पहुंचे। हालांकि आपको बता दें कि आज रविवार होने के कारण छुट्टी का दिन है। साथ ही दोनों नेता बिना अपॉइंटमेंट के ओम बिरला को लेटर देने पहुंच गए।
लेटर स्पीकर को देने के बाद टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि मामला पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने भी यह स्पष्ट किया है और 10वीं अनुसूची के अनुच्छेद 4 में भी उल्लेख है कि किसी राजनीतिक दल में विभाजन मान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जो घटनाक्रम हुआ, वह नियमों के अनुरूप नहीं था। इसी वजह से वे इस मामले से संबंधित एक याचिका लेकर आए हैं और उसे स्पीकर को सौंप दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्पीकर कानून और निर्धारित नियमों के तहत ही निर्णय लेंगे, जैसा कि अब तक होता आया है।
सागरिका घोष ने कहा कि हमने लोकसभा अध्यक्ष को एक लेटर सौंपकर स्पष्ट किया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एक अविभाज्य राजनीतिक दल है और लोकसभा के भीतर इसका कोई अलग गुट नहीं बनाया जा सकता। ऐसा करना संविधान की भावना और नियमों के विपरीत है। लेटर में हमने कहा है कि जो लोग टीएमसी को तोड़ने या लोकसभा में अलग समूह बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उनका कदम संवैधानिक और कानूनी रूप से उचित नहीं है। संविधान इस तरह की व्यवस्था की अनुमति नहीं देता और यह कानून के खिलाफ है। उन्होंने आगे जोड़ा कि जिस पार्टी, नेतृत्व और चुनाव चिन्ह के आधार पर कोई जनप्रतिनिधि चुनाव जीतकर सदन तक पहुंचता है, चुनावी हार या राजनीतिक परिस्थितियों के बदलते ही उसका साथ छोड़ देना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।