राष्ट्रीय

तमिलनाडु में सियासी बवाल? CM विजय की सरकार बनने के बाद AIADMK टूटने के कगार पर, पार्टी में तेज हुई बगावत

AIADMK Venugopal resignation: AIADMK को बड़ा झटका लगा है। पूर्व सांसद डॉ पी वेणुगोपाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

2 min read
May 24, 2026
तमिलनाडु के सीएम विजय और AIADMK नेता ईपीएस। (फोटो- ANI)

तमिलनाडु में विजय के नेतृत्व वाली नई टीवीके सरकार बनने के बाद से प्रदेश की पार्टी AIADMK में बगावत तेज है। AIADMK को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता और दो बार के लोकसभा सांसद डॉ पी वेणुगोपाल ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा पार्टी के अंदरूनी कलह, नेतृत्व संकट और लगातार चुनावी हार के बीच आया है, जिससे पार्टी की हालत और कमजोर हो गई है।

ये भी पढ़ें

DMK और AIADMK के बीच गुप्त बातचीत की खबरें, क्या विजय की TVK का खेल होगा खराब?

बड़े लोग तेजी से छोड़ रहे पार्टी

पिछले कुछ हफ्तों में AIADMK के कई पुराने और प्रभावशाली नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। पूर्व मंत्री एस सेम्मलाई और पूर्व स्पीकर पी धनपाल के बाद अब वेणुगोपाल का जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ये सभी नेता लंबे समय से पार्टी के साथ थे और जयललिता के दौर में अहम भूमिका निभाते थे।

डॉ वेणुगोपाल तिरुवल्लुर से दो बार सांसद रह चुके हैं। वे पार्टी के मेडिकल विंग के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और लोकसभा में AIADMK संसदीय दल के नेता भी रहे। अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले इनके इस्तीफे से पार्टी का दलित वोट बैंक और कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।

जयललिता के बाद SC वोट क्यों खिसका?

वेणुगोपाल ने अपने इस्तीफे के बयान में साफ कहा कि जयललिता के निधन के बाद अनुसूचित जाति समुदाय का पार्टी से समर्थन लगातार घटा है। उन्होंने कहा कि पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलने वाली नीति अपनानी होगी।

सिर्फ कुछ नेताओं के इर्द-गिर्द पार्टी नहीं चल सकती। उन्होंने पार्टी की मौजूदा रणनीति पर भी सवाल उठाए। उम्मीदवार चयन में गलत फैसले, वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करना और राजसभा जैसी सीटों पर नए चेहरों को तरजीह देने जैसे मुद्दों का जिक्र किया। जयललिता के समय वरिष्ठ नेताओं को सम्मान मिलता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

ईपीएस पर निशाना

वेणुगोपाल ने पार्टी छोड़ने के बाद AIADMK महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी की नेतृत्व शैली पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा।

वेणुगोपाल ने कहा कि संगठनात्मक फैसलों और चुनावी रणनीति में बेहतर समझदारी की जरूरत है। पार्टी कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ रही है कि पुराने और अनुभवी नेताओं को किनारे किया जा रहा है।

AIADMK की चुनावी मुश्किलें

AIADMK जयललिता के बाद से कभी पुरानी ताकत नहीं दिखा पाई। लगातार चुनावों में हार, द्रमुक और भाजपा जैसे दलों से मुकाबले में पिछड़ना और अंदरूनी कलह ने पार्टी को कमजोर कर दिया है।

कई बार रणनीतिक फैसलों पर नेताओं में मतभेद सामने आ चुके हैं।वरिष्ठ नेताओं के लगातार जाने से पार्टी पर अब दबाव बढ़ गया है।

आगामी चुनावों से पहले AIADMK को अपने संगठन को फिर से खड़ा करने, अलग-अलग समुदायों को जोड़ने और एकजुट नेतृत्व देने की चुनौती है।

ये भी पढ़ें

AIADMK से पी धनपाल का मोहभंग, DMK से के सेल्वराज का इस्तीफा; दोनों ने खुद को बताया उपेक्षित
Published on:
24 May 2026 03:22 pm
Also Read
View All