Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार विमान हादसे में जान गंवाने वाले पायलट सुमित कपूर के परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान श्मशान घाट में परिवार वालों की बातें सुनकर वहां मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
Pilot Sumit Kapoor Brother: बुधवार को बारामती में विमान क्रैश में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत हो गई। इस विमान में मौजूद चार अन्य लोगों की भी मौत हो गई, जिसमें पायलट सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक भी शामिल थीं।
दिल्ली में गुरुवार को दोनों पायलटों का अंतिम संस्कार किया गया। पायलटों की अंतिम विदाई में परिवार, दोस्त और सहकर्मी शामिल हुए। उन्हें दुर्घटना से इतना बड़ा झटका लगा कि वे अपने आंसू नहीं रोक पाए और फूट-फूटकर रोने लगे।
इस शोक के माहौल में पायलट सुमित कपूर के छोटे भाई वरुण कपूर के भावुक शब्दों ने हर किसी की आंखों को नम कर दिया। उन्होंने कहा, 'ऐसा ही भाई अगले जन्म में भी मिले।
बता दें, अजित पवार की विमान दुर्घटना बुधवार को हुई थी, जब विमान कंपनी 'वीएसआर वेंचर्स' का 'लेयरजेट 45' विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें अजित पवार समेत क्रू मेंबर्स की भी मौत हो गई।
विमान पायलट सुमित कपूर का अंतिम संस्कार पंजाबी बाग श्मशान घाट में हुआ है। इस दौरान परिवार समेत सौ से ज्यादा लोग मौजूद रहे। वहां पायलट सुमित कपूर के बचपन के दोस्त भी पहुंचे और सुमित के परिवार को हौसला देने का काम किया।
अपने भाई को अंतिम विदाई देने के बाद सुमित के छोटे भाई वरुण कपूर ने बस इतना ही कहा, "मैं अगले जन्म में भी उनसे भाई के रूप में मिलना चाहता हूं।" यह सुनते ही वहां मौजूद परिवार और सभी लोग भावुक हो गए।
पायलट सुमित कपूर की अंतिम विदाई में शामिल हुए उनके दोस्त नरेश तनेजा और जीएस ग्रोवर ने उन्हें नेक इंसान बताते हुए कहा कि वह काफी हंसमुख और जिंदादिल इंसान थे। दोस्त नरेश ने बताया कि हादसे से पहले उनकी सुमित से मैसेज पर बात हुई थी।
नरेश ने बताया कि वह सुमित के बचपन के दोस्त हैं और पड़ोस में ही रहते हैं। उन्होंने कहा, 'हमारी दोस्ती 50 साल पुरानी थी।' वहीं दोस्त जीएस ग्रोवर ने कहा कि सुमित हमेशा मजाक करते रहते थे और उनको चाय बहुत पसंद थी। जब भी हम मिलते थे, वह चाय जरूर पिलाते थे।
बता दें, सुमित कपूर एक अनुभवी पायलट थे। उनके पास करीब 20 साल का अनुभव और 20,000 घंटे से ज्यादा की उड़ान का रिकॉर्ड था। पायलट सुमित कुमार के परिवार में उनके पिता, पत्नी और उनके दो छोटे बच्चे हैं। अब यह परिवार सुमित कुमार के रूप में अपने सबसे बड़े सहारे को खो चुका है।