आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबाती रामबाबू को सोमवार को एक नए मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वे पहले से ही मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। गुंटूर के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट […]
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबाती रामबाबू को सोमवार को एक नए मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वे पहले से ही मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। गुंटूर के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नवंबर 2025 में दर्ज एक मामले में उन्हें 22 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। इस मामले में रामबाबू पर पुलिसकर्मियों को धमकाने और ड्यूटी में बाधा डालने का आरोप है।
राजामुंद्री सेंट्रल जेल में बंद अंबाती रामबाबू को सोमवार को विशेष सुरक्षा के साथ गुंटूर लाया गया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद हिरासत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी तरह की अफरातफरी से बचने के लिए सख्त इंतजाम किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, 12 नवंबर 2025 को पट्टाभीपुरम पुलिस थाने में अंबाती रामबाबू और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के रैली निकाली और पुलिस की रोक के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश की। जब पुलिस ने रैली रोकने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को धमकाया और गाली-गलौज की। इस कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और आम जनता को भारी असुविधा हुई।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें लोक सेवकों पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी देना और अवैध जमाव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि रामबाबू के खिलाफ वाईएसआरसीपी के विभिन्न आंदोलनों के दौरान पहले भी इसी तरह के मामले दर्ज हो चुके हैं।
31 जनवरी को अंबाती रामबाबू को गुंटूर जिले में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान देने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान उनके आवास पर कई घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उनके घर और वाहनों में तोड़फोड़ की। इस मामले में भी उन पर लोक सेवकों को ड्यूटी से रोकने, टीडीपी बैनर हटाने और अपशब्द कहने के आरोप हैं। बीएनएस की धारा 126(2), 132, 196(1), 352, 351(2), 292 और 3(5) के तहत कई मामले दर्ज हैं।
अंबाती रामबाबू की लगातार गिरफ्तारियां और हिरासत वाईएसआरसीपी और सत्तारूढ़ टीडीपी के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रही हैं। विपक्षी दल इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई हो रही है। रामबाबू फिलहाल राजामुंद्री सेंट्रल जेल में बंद हैं और आने वाले दिनों में इन मामलों में सुनवाई जारी रहेगी।