पश्चिम एशिया में तनाव के बीच राहत की खबर है। खाड़ी से 15,400 टन एलपीजी लेकर भारतीय जहाज ‘ग्रीन आशा’ बुधवार को नवी मुंबई के JNPA बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया।
पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत के लिए एक अच्छी खबर है। खाड़ी से 15,400 टन एलपीजी गैस लादकर भारतीय झंडे वाला जहाज ‘ग्रीन आशा’ बुधवार को नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया।
यह खेप ऐसे वक्त में आई है जब देश में घरेलू गैस की सप्लाई को लेकर थोड़ी टेंशन बनी हुई थी। अब इसके आने से आम लोगों के सिलेंडर भरने में काफी आसानी होने वाली है।
जहाज 5 अप्रैल को हॉर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की राह पकड़ा था। अब यह जेएनपीए के लिक्विड बर्थ पर लग गया है, जहां भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल की टीम इसे हैंडल कर रही है।
दूसरा जहाज ‘ग्रीन सानवी’ भी 6 अप्रैल को हॉर्मुज पार कर चुका है और कुछ ही दिनों में भारत पहुंचने वाला है। साथ ही, स्थिति थोड़ी सामान्य होते ही एलएनजी की और खेपें भी आने की उम्मीद है।
भारत सरकार ने इस सुधार का फायदा उठाते हुए फर्टिलाइजर कारखानों को गैस की सप्लाई बढ़ा दी है। अब उन्हें उनके छह महीने के औसत इस्तेमाल का करीब 95 प्रतिशत गैस मिल सकेगी। पहले यह 5 प्रतिशत कम थी, अब बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे खाद बनाने वाले प्लांट्स को काफी मदद मिलेगी।
पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर पूरे खाड़ी इलाके पर लगातार नजर रखी हुई है।
अच्छी बात यह है कि वहां मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटे में किसी भारतीय जहाज के साथ कोई घटना नहीं हुई।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग की कंट्रोल रूम काफी सक्रिय है। अब तक इसने 5,647 कॉल्स और 12,043 ईमेल्स हैंडल कर लिए हैं। सिर्फ कल 166 कॉल्स और 317 ईमेल्स आए।
अब तक 1,803 से ज्यादा भारतीय नाविकों को खाड़ी के अलग-अलग हिस्सों से सुरक्षित घर वापस लाया जा चुका है। इनमें पिछले 24 घंटे में ही 49 नाविक शामिल हैं।
देश के सारे बड़े बंदरगाह बिना किसी रुकावट के चल रहे हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के राज्य समुद्री बोर्डों ने भी बताया कि उनके यहां कामकाज पूरी तरह सुचारू है। कहीं कोई भीड़भाड़ या समस्या नहीं है।
मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र के सभी लोगों के साथ मिलकर हम भारतीय नाविकों की देखभाल और समुद्री व्यापार को बिना किसी अड़चन के चलाने का पूरा जिम्मा संभाले हुए हैं।