Excise Policy Case: गोवा दौरे के दौरान अरविंद केजरीवाल ने गोवा को अपना लकी चार्म बताया। उन्होंने यह बयान एक्साइज पॉलिसी केस में जज के हटने के बाद दिया।
Arvind Kejriwal Statement: दिल्ली शराब नीति मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गोवा दौरे के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक माहौल को फिर गर्म कर दिया। यह बयान केजरीवाल ने गुरुवार को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने खुद को एक्साइज पॉलिसी केस की सुनवाई से अलग करने पर दिया है। उन्होंने गोवा को अपना “लकी चार्म” करार दिया।
गोवा में एक सभा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने ने अपने खिलाफ चल रहे दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस का जिक्र करते हुए गोवा को अपने लिए लकी बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता के लोगों ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बहुत बड़ा शराब घोटाला किया है और इस वजह से 6 महीने जेल में रखा गया। उन्होंने बताया कि वह 26 फरवरी की रात गोवा से लौटे थे और अगले ही दिन कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आ गया था।
उन्होंने दावा किया कि फैसला उनके पक्ष में आने पर मोदी सरकार और जांच एजेंसियां परेशान हो गई और मामला फिर से हाईकोर्ट पहुंच गया। इसके बाद केजरीवाल ने इस ममाले की सुनवाई कर रही जस्टिसस्वर्णकांता के इस केस से अलग होने के लिए मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की। आगे उन्होंने कहा कि जब वह दोबारा गोवा आए तो अगले ही दिन जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। इसी घटनाक्रम को जोड़ते हुए उन्होंने मजाकिया लेकिन राजनीतिक अंदाज में कहा कि गोवा मेरे लिए बहुत लकी है। अपने भाषण में उन्होंने यह भी दोहराया कि उन्हें झूठे मामले में छह महीने जेल में रखा गया और अब धीरे-धीरे सच सामने आ रहा है।
दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के केस से अलग हो जाने के फैसले को आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरील की बड़ी जीत बताई है। पार्टी का कहना है कि पिछले कई हफ्तों से अरविंद केजरीवाल समेत कई नेता लगातार निष्पक्ष सुनवाई की मांग उठा रहे थे और अब जज के रीक्यूज होने से उनकी मांग सही साबित हो रही है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आखिरकार “सच्चाई की जीत हुई” और गांधी जी के सत्याग्रह एक बार फिर जीत हुई।
आपको बता दें कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने खुद को इस केस से अलग करने के बाद अरविंद केजरीवाल समेत 6 नेताओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जस्टिस स्वर्णकांता का आरोप है कि सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और सार्वजनिक बयानों के जरिए न्यायपालिका और जांच एजेंसियों को लेकर गलत माहौल बनाने की कोशिश की गई है। केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और विनय मिश्रा के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया गया है।