US Iran Conflict: हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर इजरायल-ईरान के लंबे युद्ध के प्रभाव का उल्लेख किया। ओवैसी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अब वहां सैन्य आक्रमण करेंगे।
Asaduddin Owaisi Statement: मध्य पूर्व में जारी तनाव की वजह से दुनिया भर में एलपीजी गैस और तेल की कमी से हाहाकार मचा हुआ है। चारों तरफ एक ही आवाज आ रही है कि यह युद्ध कम समाप्त होगा। इसी कड़ी में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को ईरान जंग पर चिंता जताई है। ओवैसी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब सैन्य आक्रमण करने वाले है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों को तेज करेंगे।
हैदराबाद के सांसद ने खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर इजरायल-ईरान के लंबे युद्ध के प्रभाव का उल्लेख किया। मीडिया से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अब वहां सैन्य आक्रमण करेंगे, व्यावसायिक गैस मिलना मुश्किल हो गया है, अब भारत को और भी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। यह बहुत चिंताजनक है क्योंकि कई भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में काम करते हैं। हमें अब भी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी युद्ध समाप्त करने की वकालत करेंगे, क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर बोलते हुए ओवैसी ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे असंवैधानिक और भारत के संविधान की भावना के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार धर्म की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है। प्रस्तावना में विचार की स्वतंत्रता, समानता और न्याय की बात कही गई है। इसका उद्देश्य यूसीसी के नाम पर हिंदू कोड बिल थोपना है, जो गलत और असंवैधानिक है।
यह घटना तब सामने आई है जब ट्रंप ने फरवरी के अंत में ईरान के खिलाफ शत्रुता शुरू होने के बाद से राष्ट्र को संबोधित करते हुए इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ 'निर्णायक' प्रहार के लिए अमेरिकी सेना की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरा होने के करीब है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस दौरान ईरान की समुद्री और हवाई क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से नष्ट कर दिया गया है। साथ ही देश के व्यापक सैन्य बुनियादी ढांचे को भी काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है।
ट्रंप ने घोषणा की, 'ईरान की नौसेना नष्ट हो चुकी है, उसकी वायुसेना बर्बाद हो चुकी है, और उसके नेता, जिनमें से अधिकांश आतंकवादी थे, अब मारे जा चुके हैं।' हमलों के प्रभाव का विस्तार से वर्णन करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विपक्ष की मिसाइलों और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता में कमी आई है।' उन्होंने कहा कि हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां और रॉकेट लॉन्चर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, उनमें से बहुत कम ही बचे हैं। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका पहले से कहीं अधिक बड़ी जीत हासिल कर रहा है।