
Assam Flood News: असम में आई भयंकर बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पानी के तेज बहाव और डूबने की वजह से जान गंवान वाले लोगों की संख्या बढ़कर अब 75 हो गई है। हाल ही में शिवसागर जिले से 7 और लोगों के मरने की खबर सामने आई है। इस मुश्किल समय में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा है कि सरकार अपने लोगों की जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
बाढ़ के चलते जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष और सरकारी अनुग्रह राशि को मिलाकर कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नियमों को भी बहुत आसान कर दिया है, जिसके तहत 4 लाख रुपये की सरकारी मदद के लिए अब पोस्टमार्टम कराने की जरूरत भी नहीं होगी। इसके साथ ही बाढ़ के समय जो लोग पिछले 30 दिनों से लापता हैं, उनके परिवारों को भी सरकार की तरफ से 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
बाढ़ से प्रभावित हुए 1 लाख से ज्यादा परिवारों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए सरकार तुरंत 15,000 रुपये की नकद राशि दे रही है। इसके साथ ही राज्य की कल्याणकारी 'अरुणोदोई' योजना को 1 अगस्त से फिर शुरू किया जा रहा है। जिसके तहत चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट और शिवसागर जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के लाभार्थियों को इस मुश्किल समय में इस महीने के लिए 2,500 रुपये की विशेष किस्त भेजी जाएगी।
बाढ़ की मार झेल रहे छात्र-छात्राओं के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़े ऐलान किए हैं। 1 अगस्त से प्रभावित इलाकों के छात्र-छात्राओं को किताबों के लिए विशेष सरकारी मदद दी जाएगी, जिसमें 11वीं-12वीं के छात्रों को 1,000 रुपये और कॉलेज व पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को 5,000 रुपये तक की मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकार बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म और मुफ्त किताबें भी देगी। राहत की बात यह भी है कि जिन छात्रों की कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट या सर्टिफिकेट बाढ़ में बह गए या खराब हो गए हैं, उन्हें सरकार बिना किसी फीस के दोबारा जारी करेगी।
आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, असम के 7 जिले- शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप (मेट्रो) अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 622 गांवों के 3.32 लाख से ज्यादा लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है, क्योंकि 45,341 हेक्टेयर से अधिक की खड़ी फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो चुकी है। नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 115 राहत शिविर और वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां इस समय 32,477 से ज्यादा लोगों ने शरण ले रखी है। शिवसागर और जोरहाट में सबसे ज्यादा लोग इन शिविरों में ही रह रहे हैं। मैदान पर एसडीआरएफ की टीमें, मेडिकल स्टाफ और स्थानीय वॉलंटियर्स दिन-रात राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। लोगों तक खाना, साफ पीने का पानी, दवाइयां, बच्चों का दूध और तिरपाल जैसी जरूरी चीजें लगातार पहुंचाई जा रही हैं ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो।