
Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर के चंदा चोरी विवाद पर पीएम मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस लूट पर पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी देश भर के करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का डेलीगेशन मंगलवार को भगवान राम का आशीर्वाद लेने और पूजा करने के लिए अयोध्या जाने वाला था, लेकिन यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने नजरबंद कर लिया है।
अपने एक अन्य पोस्ट में कांग्रेस नेता रमेश ने पीएम नरेंद्र मोदी और सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मंदिर में हुई चंदा लूट से पूरा देश दुखी है। देशवासियों के दबाव के चलते एसआईटी की रिपोर्ट के बाद FIR हुई, लेकिन इतने दिन बाद भी RSS- BJP से जुड़े होने के कारण मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस बीच भगवान श्रीराम मंदिर के दर्शन करने जा रहे कांग्रेस नेताओं को तानाशाह तरीके से हाउस अरेस्ट करना अत्यंत निंदनीय है। देशवासी इस मामले में दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई चाहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पूरा भाजपा-आरएसएस का तंत्र इस चंदा चोरी कांड से जुड़े चोरों को बचाने और मामले को दबाने में जुटा हुआ है।
वहीं कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि मामले में एक दिखावटी SIT बनाई गई थी। हमारे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनके साथी BJP के डकैतों द्वारा मचाई गई तबाही की असलियत देखने के लिए इजाजत लेकर अयोध्या जाने वाले थे, लेकिन सरकार घबरा गई और उन्हें नज़रबंद कर दिया। वे नहीं चाहते कि सच जनता तक पहुंचे, लेकिन जनता को असलियत पहले ही पता चल चुकी है।
हाउस अरेस्ट करन के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की एक वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में अजय राय ने कहा कि आज हम सभी भगवान श्रीराम के दर्शन करने राम मंदिर जाना चाहते थे, लेकिन भाजपा सरकार ने हमें नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया और हमें गेस्ट हाउस में रोक दिया। हमारे सभी साथियों को भी वहीं रोककर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि हम भगवान राम से प्रार्थना करते हैं कि वे भाजपा और RSS के लोगों को सद्बुद्धि दें, क्योंकि उन्होंने भगवान राम के नाम पर देश में सत्ता हासिल की है। अब उन्हें अयोध्या में हो रहे कथित घोटालों और भ्रष्टाचार को रोकना चाहिए।
इस दौरान अजय राय ने कई मांग भी रखी है। उन्होंने कहा कि पुलिस जिन छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, उनसे अच्छी तरह पूछताछ करे। इस मामले में बड़े अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए।
उन्होंने जिन लोगों के नाम लिए, उनमें नृपेंद्र मिश्रा, अनिल मिश्रा, गोपाल राय, चंपत राय, बंसल और गोविंद देव गिरी शामिल हैं। उनका आरोप है कि इन लोगों की भी कथित भ्रष्टाचार में भूमिका है, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़े तो जेल भेजा जाए।