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एक्शन मोड में शुभेन्दु सरकार, बंगाल में फर्जी पहचान के सहारे 14 साल से रह रहा बांग्लादेशी कपल गिरफ्तार

Illegal Bangladeshi Couple Arrested: पश्चिम बंगाल के हावड़ा में पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपति को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर फर्जी पहचान के सहारे पिछले 14 साल से भारत में गैर-कानूनी तरीके से रह रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों की पड़ताल जारी है।

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May 25, 2026
हावड़ा जिले में पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपति को गिरफ्तार किया है ( एक प्रतीकात्मक फोटो AI जनरेटेड)

Bangladeshi Couple Arrested in Howrah:पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपति को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 14 साल से कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, जगाचा थाना इलाके में एक गुप्त सूचना मिलने के बाद छापेमारी की गई, जहां से रमजान गाजी और उसकी पत्नी आरिफा बेगम को पकड़ा गया।

पुलिस ने बताया कि दोनों अपने चार बच्चों के साथ इलाके में रह रहे थे। इनमें से दो छोटे बच्चों, जिनकी उम्र सात साल से कम है, जिन्हे ‘लिलुआ’ स्थित शेल्टर होम भेज दिया गया है, जबकि बाकी दो बच्चे फिलहाल अपनी मां के साथ हैं।

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शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह दंपति करीब 14 साल पहले बांग्लादेश से भारत आया था। आरोप है कि उन्होंने सीमा पार कराने वाले दलालों को पैसे देकर पश्चिम बंगाल में प्रवेश किया था। तब से वे हावड़ा के उनसानी माझेरपारा इलाके में रह रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, रमजान स्थानीय बाजार में नारियल पानी, ताड़ के फल और दूसरी चीजें बेचकर परिवार का खर्च चलाता था। मामले की जांच जारी है।

नकली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके पिछले लोकसभा चुनाव में डाला था वोट

पुलिस के मुताबिक, 2014 तक, कपल ने कथित तौर पर नकली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके राशन कार्ड, वोटर आइडेंटिटी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट हासिल कर लिए थे। कपल ने कथित तौर पर पिछले लोकसभा चुनाव में वोट भी डाला था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि हाल ही में हुए स्पेशल इंटेंसिव डिवीजन (SIR) प्रोसेस के बाद रमज़ान और आरिफा के नाम बंगाल की वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।

जगाचा पुलिस स्टेशन ने बाद में कपल को देश में गैर-कानूनी एंट्री और बिना इजाज़त रहने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनके खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। गुरुवार को हावड़ा में न्यू कलेक्टर बिल्डिंग में एक हाई-लेवल एडमिनिस्ट्रेटिव मीटिंग के बाद, मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया कि अगर हावड़ा स्टेशन पर बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े जाते हैं, तो उन्हें सीधे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को सौंप दिया जाए।

राज्य सरकार ने हर जिले में होल्डिंग सेंटर बनाने का भी आदेश दिया है, ताकि उन लोगों को रखा जा सके जिन पर बांग्लादेशी नागरिक या रोहिंग्या घुसपैठिए होने का शक है। ऐसे संदिग्धों को इन सेंटरों में 30 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है।

राज्य सरकार ने आगे कहा है कि घुसपैठ के शक में हाल ही में हिरासत में लिए गए लोगों के अलावा, पहले गिरफ्तार किए गए और अभी डिपोर्टेशन का इंतज़ार कर रहे जेल में बंद लोगों को भी इन होल्डिंग सेंटर में शिफ्ट किया जा सकता है।

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