Voting: पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान है। यह मुकाबला मुख्य रूप से विकास के 'सोनार बांग्ला' वादे और स्थानीय अस्मिता से जुड़े 'बोहिरागतो' नारे के बीच सिमट गया है, जिस पर पूरे देश की नजर है।
Bengal Election 2026 Phase 1: पश्चिम बंगाल के सियासी रणक्षेत्र में गुरुवार सबसे बड़ा दिन है। विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत राज्य की 152 अहम सीटों पर मतदान है। इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता हासिल करने की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह दो बिल्कुल अलग विचारधाराओं और नारों का सीधा टकराव है। एक तरफ जहां बीजेपी 'सोनार बांग्ला' बनाने के वादे के साथ मैदान में डटी है, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 'बोहिरागतो' (बाहरी) के मुद्दे को हवा देकर बंगाली अस्मिता को अपना मुख्य हथियार बनाया है।
पहले चरण का चुनाव इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ये सीटें राज्य की भावी सरकार की रूपरेखा तय कर देंगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच चुनाव आयोग निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहा है। पश्चिम बंगाल में 32 लाख से अधिक मतदाताओं के साथ सत्ताधारी टीएमसी और भाजपा के बीच निर्णायक मुकाबला है। चुनाव प्रचार के अंतिम 48 घंटों में तीखे निजी हमले और चुनाव आयोग की रिकॉर्ड तोड़ जब्ती देखने को मिली। शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोटिंग होगी और 4 मई को नतीजे आएँगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रैलियों में 'लव और लैंड जिहाद' खत्म करने, किसानों को 9,000 और महिलाओं-युवाओं को 3,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया। उन्होंने ममता बनर्जी पर 10,000 करोड़ रुपये के घोटाले और 'सिंडिकेट राज' का आरोप लगाया। साथ ही, घुसपैठ रोकने और बाबरी मस्जिद न बनने देने की बात कही। पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधा।
टीएमसी ने भाजपा को 'बांग्ला-विरोधी बोहिरागतो' (बाहरी) करार देते हुए कवि सत्येंद्रनाथ दत्ता के नाम के गलत उच्चारण पर कड़ी आपत्ति जताई। साथ ही, सूरत से विशेष ट्रेनों के जरिये मतदाताओं को निशुल्क यात्रा और भोजन देकर लुभाने का आरोप लगाते हुए इसे चुनाव कानून का उल्लंघन बताया और आयोग से कड़ी कार्रवाई की माँग की।
स्वच्छ चुनाव के लिए आयोग ने 5,000 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं। बंगाल और तमिलनाडु में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब और ड्रग्स जब्त हुए हैं। वहीं, वोटर लिस्ट से 60 से 90 लाख नाम हटाए जाने (7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़) पर राजनीतिक घमासान मच गया है। टीएमसी ने इसे 'वोटर दमन' का आरोप लगाया, जिसे भाजपा ने 'फर्जी नामों की सफाई' बताया है।
भाजपा के 'सोनार बांग्ला' संकल्प पत्र (1 करोड़ रोजगार, महिलाओं को 33% आरक्षण) को ममता बनर्जी ने "असफल आश्वासनों और धोखे का पुलिंदा" बताकर खारिज कर दिया। लगातार चौथी बार सत्ता की तलाश में जुटी ममता बनर्जी और पिछली बार 77 सीटें जीतने वाली भाजपा के बीच यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है, जहाँ वोटों का मामूली अंतर भी बड़ा उलटफेर कर सकता है।
इस 152 सीटों वाले महामुकाबले में महिला मतदाता और 'फर्स्ट टाइम वोटर्स' (पहली बार वोट डालने वाले युवा) 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकते हैं। बंगाल में महिला सशक्तीकरण की योजनाओं का असर और युवाओं में रोजगार की चाहत 'ये दो ऐसे अंडरकरंट हैं, जो किसी भी पार्टी के पक्ष में पूरा खेल पलट सकते हैं। (इनपुट: ANI)