
TMC Leader Jahangir Khan Arrested: पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के लिए मुसीबतें खत्म नहीं हो रही है। एक तरफ विधायक,सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया।मीडिया रिपोर्ट्स पुलिस को शक था कि वह देश छोड़कर नेपाल जाने की तैयारी में था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम जहांगीर खान को कोलकाता लेकर पहुंची। दक्षिण 24 परगना जिले के फालता थाने में उनके खिलाफ सात अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। जहांगीर खान को मेडिकल के लिए ले भी ले जाया गया। इस संबंध में पुलिस का भी बयान सामने आया है।
जहांगीर खान हाल ही में हुए 2026 के विधानसभा चुनाव में फाल्टा सीट से मैदान में उतरे थे। चुनाव के दौरान मतदान को लेकर कई विवाद सामने आए थे, जिसके बाद 21 मई को इस सीट पर दोबारा मतदान कराया गया था। दिलचस्प बात यह रही कि री-पोल से करीब 48 घंटे पहले ही जहांगीर ने चुनावी मुकाबले से पीछे हटने की घोषणा कर दी थी।उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह चुनाव से अपना नाम वापस ले रहे हैं। हालांकि उनका नाम मतपत्र में बना रहा और 24 मई को घोषित नतीजों में उन्हें केवल 7,783 वोट मिले। वह चौथे स्थान पर रहे। चुनाव परिणाम आने के बाद से वह लगभग सार्वजनिक नजरों से गायब हो गए थे। न तो उन्हें उनके घर पर देखा गया और न ही पार्टी कार्यालय में।
टीएमसी नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी पर पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने टीएमसी पर करारा हमला किया है। उन्होंने कहा कि चाहे वह पुष्पा हो या कोई और, जिन लोगों ने बंगाल के लोगों पर अत्याचार और जुल्म किए हैं, उन्हें कभी बख्शा नहीं गया है। इस बयान के साथ उन्होंने टीएमसी और ममता बनर्जी की पिछली सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें खत्म नहीं हो रही है। विधायकों के बागी होने के बाद अब सांसदों में भी फूट पड़ने की शुरुआत हो चुकी है। टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु राय ने पार्टी और सदन दोनों से इस्तीफा दे दिया। उसके बाद अब इस बात की चर्चा भी तेज है कि जल्द ही करीब 20 सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं।