
Bhagwant Mann Jagman Samra Controversy: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और कनाडा में रहने वाले एनआरआई जगमन समरा के बीच वायरल वीडियो पर विवाद गहराता जा रहा है। समरा ने मान के मास्क वाले दावे को खारिज करते हुए सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने सरकार से सबूत पेश करने की मांग की। वहीं भगवंत मान ने इसे साजिश बताते हुए कार्रवाई की बात कही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद समरा ने वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से गलत हैं, पंजाब सरकार जनता को गुमराह कर रही है। समरा ने सवाल उठाया कि अगर किसी मास्क का इस्तेमाल हुआ है तो उसका सबूत कहां है, वह कहां से खरीदा गया और किसने उसका भुगतान किया। उन्होंने कहा कि अगर यह दावा सही है तो खरीद, बिक्री, पेमेंट और इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति तक की पूरी कड़ी सामने आनी चाहिए।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं हैं, बल्कि उनके चेहरे जैसा मास्क पहनकर यह वीडियो बनाया गया है। मोहाली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मान ने कहा कि उनके गले पर बचपन से एक निशान है, जो वीडियो में नजर नहीं आता। इसी आधार पर उन्होंने इसे साजिश बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह वीडियो उनकी छवि खराब करने के लिए राजनीतिक और धार्मिक साजिश का हिस्सा है।
इस विवाद में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब दोनों पक्षों ने अपने पुराने संबंधों को लेकर अलग-अलग बातें कहीं। भगवंत मान ने कहा कि उनकी समरा से केवल एक बार मुलाकात हुई थी, वह भी पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब (PPP) के समय 2016 से पहले, लेकिन समरा ने इस दावे को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री कनाडा आए थे तो उन्होंने लगभग सात दिनों तक उनकी मेहमाननवाजी की थी। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि मान कई बार पंजाब के संगरूर जिले में उनके घर भी आए थे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने समरा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ब्लैकमेलर बताया और कहा कि यह पहले भी ऐसे वीडियो बनाने में शामिल रहे हैं। भगवंत मान ने कहा कि आज मैं जगमान समरा का पर्दाफाश कर रहा हूं। आने वाले दिनों में मैं यह भी उजागर करूंगा कि उसे किसने फंड दिया, उसके पीछे कौन था और यह साजिश किसने रची। सरकार ने संकेत दिया है कि इस मामले में समरा को भारत लाने के लिए इंटरपोल की मदद ली जाएगी।