पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान हिंसा की खबरों के सामने आने के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है।
Vijay Kumar Chaudhary Bengal Statement: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए वोटिंग जारी है। मतदान के दौरान हिंसा की खबरें सामने आने के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का बयान सामने आया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि लोग लंबे समय से राज्य सरकार से तंग आ चुके हैं। विजय कुमार ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी टीएमसी सरकार ने पूरे राज्य में हिंसा को प्रायोजित किया और पार्टी की तुलना राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के लालू यादव के शासनकाल के दौरान बिहार के 'जंगल राज' से की।
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बिहार के डिप्टी सीएम ने कहा कि दो बातें स्पष्ट हैं: बंगाल की जनता लंबे समय से राज्य में शासन कर रही सरकार से तंग आ चुकी है। इस सरकार द्वारा प्रायोजित हिंसा को देखकर हम इसकी पहचान समझ सकते हैं। ऐसा शासन पहले बिहार में था , और अब ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल में भी वही दोहराया जा रहा है।
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में राज्य चुनावों के दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है और दोपहर 3 बजे तक 78.68 प्रतिशत वोटिंग हुई है। इससे पहले 1 बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के अनुसार, हुगली जिले में सबसे अधिक 64.57 प्रतिशत मतदान हुआ, उसके बाद हावड़ा जिले में 60.68 प्रतिशत मतदान हुआ। उत्तर कोलकाता में 60.18 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण कोलकाता में इसी अवधि के दौरान 57.73 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नादिया में भी अच्छी खासी भागीदारी देखने को मिली, जहां दोपहर 1 बजे तक 61.41 प्रतिशत मतदान हुआ।
पश्चिम बंगाल में 2026 के चुनावों में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है।
दूसरे चरण के मतदान को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए 'लिटमस टेस्ट' के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि मतदान अब पार्टी के पारंपरिक गढ़ दक्षिण बंगाल और कोलकाता की ओर बढ़ रहा है।
दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 142 सीटें शामिल हैं। कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3.21 करोड़ है, जिनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। 41,001 मतदान केंद्रों पर 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 220 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 8,000 से अधिक मतदान केंद्रों का प्रबंधन पूरी तरह से महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।