
BJP Press Conference: एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पारित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पूरे सत्र के दौरान सदन नहीं चलने दिया और महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक चर्चा करने के बजाय राजनीति की। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने छात्रों से बातचीत कर समाधान निकाला, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाया और राहुल गांधी ने अपने भाषण के जरिए देश को भ्रमित करने की कोशिश की।
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने लगातार हंगामा किया और सदन की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चाहती थी लेकिन विपक्ष ने रचनात्मक सुझाव देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को प्राथमिकता दी। पात्रा ने कहा लोकतंत्र में संसद चर्चा का सबसे बड़ा मंच है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होनी चाहिए।
बीजेपी सांसद ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों और दूसरे पक्षों से बातचीत की। इसके बाद कानून को और सख्त बनाने के लिए संशोधन किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ आरोपियों को सजा देना नहीं बल्कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना भी है।
पात्रा ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए हैं। उनके अनुसार, नए संशोधनों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्ती से अंकुश लगाना है। उन्होंने कहा कि यह कानून करोड़ों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राहुल गांधी के भाषण पर हमला बोलते हुए संबित पात्रा ने कहा कि उन्होंने सदन में तथ्यात्मक रूप से गलत बातें रखीं और देश को भ्रमित करने की कोशिश की। पात्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी के भाषण में कई विरोधाभास थे और उनके आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इतने महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति करने के बजाय सार्थक चर्चा करनी चाहिए।
अमित शाह की गैरमौजूदगी पर राहुल गांधी के सवाल का जवाब देते हुए पात्रा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री केवल किसी एक दल के नहीं बल्कि पूरे देश के गृह मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस तरह की टिप्पणी करने के बजाय मुद्दे पर तथ्यात्मक बहस करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अमित शाह के काफिले में 30 गाड़ियां होने के राहुल गांधी के दावे को भी चुनौती देते हुए कहा कि वह स्वयं आकर इसकी पुष्टि कर लें।