AAP Rajya Sabha MPs Resign: जिन सात सांसदों ने आप छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए उनमें से उच्च सदन में 6 पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्वाति मालिवाल दिल्ली से राज्य सभा सांसद हैं।
Rajya Sabha News: आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्य सभा सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने की घटना ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। पार्टी छोड़ने के साथ ही सातों सांसद ने बीजेपी में विलय कर लिया। इसको लेकर राज्य सभा सचिवालय ने भी अधिसूचना जारी कर दी। इसी के साथ उच्च सदन में बीजेपी के 113 सदस्य हो गए। हालांकि इसी बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी अब राज्य सभा में अन्य दलों को भी तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी इसके संभावित लक्ष्य माने जा रहे हैं। हाल ही में शिवसेना के सांसद संजय जाधव का पार्टी बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहना भी कई तरह के संकेत दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक एक सांसद ने टीवी पर स्वीकार किया कि पार्टी बदलने से पहले वह और अन्य लोग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। सांसद के इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अमित शाह ने ही इस पूरे प्लान की स्क्रिप्ट रची थी।
इस बीच, राघव चड्ढा को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। पार्टी छोड़ने के तीन दिनों के भीतर ही उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से करीब 20 लाख लोगों ने अनफॉलो कर दिया। सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ रखने वाले चड्ढा के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उनके समर्थकों का यह अचानक दूर होना उस समय के संकेतों को भी मजबूत करता है, जब मार्च 2024 में केजरीवाल की कथित शराब घोटाले में गिरफ्तारी के दौरान चड्ढा यूके चले गए थे। उस समय वे पार्टी के समर्थन में चल रहे प्रदर्शनों में भी शामिल नहीं हुए थे।
बता दें कि जिन सात सांसदों ने आप छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए उनमें से उच्च सदन में 6 पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्वाति मालिवाल दिल्ली से राज्य सभा सांसद हैं। दरअसल, सांसदों का पार्टी छोड़कर जाना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव 2022 में राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने आप को जीताने में अहम भूमिका निभाई थी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब आम आदमी पार्टी की पंजाब में ही सरकार है। दिल्ली चुनाव हारने के बाद AAP ने अपना पूरा ध्यान पंजाब पर लगा दिया है।