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Budget 2026: चुनावी राज्यों के लिए वित्त मंत्री ने खोला पिटारा, जानें असम-केरल-बंगाल-तमिलनाडु को क्या क्या मिला

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर्नाटक और ओडिशा के साथ-साथ केरल के तटीय इलाकों में कुछओं के संरक्षण के लिए टर्टल ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।
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Feb 01, 2026
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बजट में चुनावी राज्यों को क्या मिला

Budget 2026: इस साल असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ने चुनावी राज्यों के लिए अपने पिटारा से सौगात दी है। उन्होंने इन राज्यों के लिए बड़े स्तर पर संरचनात्मक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और संसाधन विकास योजनाओं का ऐलान किया है।

बता दें कि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में सिर्फ असम में बीजेपी की सरकार है, जबकि बंगाल में ममता बनर्जी की टीएसी, तमिलनाडु में डीएमके और केरल में लेफ्ट की सरकार है। आइए जानते हैं कि किस राज्य को क्या-क्या मिला…

केरल

बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर्नाटक और ओडिशा के साथ-साथ केरल के तटीय इलाकों में कुछओं के संरक्षण के लिए टर्टल ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। काजू, नारियल और कोको को समर्थन दिया जाएगा। इससे किसानों को फायदा होगा।

केंद्र सरकार ने आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से दुर्लभ धातुओं के लिए कॉरिडोर की घोषणा की है। सरकार ने तमिलनाडु और केरल के साथ-साथ ओडिशा और आंध्र प्रदेश को भी लाभार्थी राज्यों के रूप में नामित किया है। इन राज्यों को दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के स्थायी चुंबकों के खनन, प्रसंस्करण और निर्माण के लिए समर्पित कॉरिडोर स्थापित करने हेतु सहायता प्राप्त होगी। 

तमिलनाडु

वहीं बजट 2026 में सात नए हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से दो कॉरिडोर तमिलनाडु को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाएंगे: हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु कॉरिडोर। इससे इस क्षेत्र के एक मजबूत आर्थिक केंद्र में तब्दील होने की उम्मीद है।

पश्चिम बंगाल

बजट में पूर्वी बंगाल के डंकुनी को पश्चिमी गुजरात के सूरत से जोड़ने वाले एक नए समर्पित माल ढुलाई गलियारे का प्रस्ताव रखा है। यह बुनियादी ढांचे के विकास का एक बड़ा प्रयास है जिसका उद्देश्य बंगाल के उद्योगों को भारत के पश्चिमी भाग के बाजारों से सीधे जोड़ना है।

वहीं वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सिलीगुड़ी को 'चिकन नेक' कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है, इसलिए यह पश्चिम बंगाल और असम, जो 'पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार' है, दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

तटीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करने वाली 'ब्लू इकोनॉमी' को भी बढ़ावा मिला है। गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने घोषणा की कि भारतीय जहाजों द्वारा विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) या खुले समुद्र में पकड़ी गई मछलियों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके अलावा, विदेशी बंदरगाहों पर इस मछली को उतारने को अब निर्यात माना जाएगा, जिससे बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने के संचालन के लिए लेखा-जोखा आसान हो जाएगा।

Updated on:
01 Feb 2026 03:45 pm
Published on:
01 Feb 2026 03:45 pm