TMC: पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित बर्नपुर में अवैध कब्जे के आरोप में टीएमसी के एक और पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने इसे सरकारी जमीन खाली कराने का अभियान बताया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर विपक्षी दलों को निशाना बनाने और ‘टारगेट पॉलिटिक्स’ करने का आरोप लगाया।
Bulldozer Action On TMC Office: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद राज्य में लगातार बुलडोजर एक्शन हो रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रशासन लगातार ऐसे निर्माणों पर कार्रवाई कर रहा है, जिन्हें सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करके बनाया गया बताया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल के बर्नपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के एक और पार्टी कार्यालय को ढहा दिया गया। बर्नपुर रेलवे स्टेशन के पास मौजूद टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र के पार्टी दफ्तर पर बुलडोजर चलाया गया। जिसके बाद अब फिर से बुलडोजर एक्शन पर राजनीति तेज हो गई है।
प्रशासन का दावा है कि यह दफ्तर सेल-आईएसपी यानी इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी की जमीन पर अवैध तरीके से बनाया गया था। कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल मौजूद रहा ताकि किसी तरह का तनाव पैदा न हो। अधिकारियों का कहना है कि जिन जगहों पर कार्रवाई हुई है, वहां पहले कई बार नोटिस भेजे गए थे। लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन की मदद से बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी। प्रशासन ने आगे जोड़ा कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए चलाया जा रहा है।
इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि विपक्षी दलों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सिर्फ टीएमसी कार्यालयों पर कार्रवाई होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे 'टारगेट पॉलिटिक्स' करार दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले कुछ दिनों में बर्नपुर इलाके में इस तरह की यह चौथी कार्रवाई है, जिसमें टीएमसी से जुड़े कार्यालयों को हटाया गया है। पार्टी नेताओं के कहना है कि इसके अलावे कई जगहों पर तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर को तोड़ दिया गया है।
एक और बड़ी कार्रवाई सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर हुई है। स्टेडियम के बाहर लगी विवादित फुटबॉल मूर्ति को शनिवार को ढहा दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह पूर्व सीएम ममता बनर्जी के अनुसार बनाया गया था। जिसमें धड़ से कटे हुए दो पैर दिखाए गए थे और उनके ठीक ऊपर एक फुटबॉल रखी हुई थी। इसको लेकर विवाद था कि यह देखने में अजीब और डरावनी लगती है।