
Chembur School Bus Accident: मुंबई के चेम्बूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के एक बच्चे की मौत के बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट के बयान पर विवाद शुरू हो गया है। हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पेड़ गिरना प्राकृतिक है। यह इंसान के बस की बात नहीं है। विपक्ष ने इस बयान को असंवेदनशील बताते हुए सरकार और बीएमसी पर सवाल उठाए हैं।
संजय शिरसाट ने कहा कि सरकार इस मामले पर विधानसभा में बयान देगी। साथ ही बीएमसी को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष मानसून से पहले पेड़ों की जांच और तैयारियों के सरकारी दावों पर सवाल उठा रहा है तो उन्होंने कहा एक-दो पेड़ गिर जाना या बिजली गिरना किसी इंसान के हाथ में नहीं होता। किसी को पहले से यह नहीं पता होता कि कौन-सा पेड़ कब गिर जाएगा।
पेड़ों की जांच को लेकर मंत्री ने कहा कि यह काम नियमित रूप से होता है। पेड़ गिरना एक प्राकृतिक बात है। कई बार तेज हवा चलने से भी पेड़ गिर जाते हैं। हालांकि, यह भी कहा कि बच्चे की मौत बेहद दुखद है और सरकार इस घटना से दुखी है।
मंगलवार दोपहर चेम्बूर में करीब 70 साल पुराना एक पेड़ उखड़कर यूनिवर्सल हाई स्कूल की बस पर गिर गया। हादसे में 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई। बस में मौजूद पांच अन्य बच्चे भी घायल हुए। इनमें चार को मामूली चोटें आईं जबकि एक बच्चे की हालत गंभीर बताई गई। सभी घायलों को इलाज के लिए जेन अस्पताल ले जाया गया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता क्लाइड कास्त्रो ने मंत्री के बयान को शर्मनाक बताया। उनका कहना है कि हर साल मानसून से पहले पेड़ों की जांच और उनकी छंटाई करना बीएमसी की जिम्मेदारी है। अगर यह काम ठीक से हुआ होता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री योगेश कदम ने कहा कि घटना की जांच होगी और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि बरसात के मौसम में कमजोर और खतरनाक पेड़ों की समय पर छंटाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेड़ों का संरक्षण जरूरी है लेकिन लोगों की जान उससे भी ज्यादा अहम है।